जलालाबाद। अखिल भारतीय सोहअम महामंडल की ओर से सोअहम आश्रम में चल रहे संत सम्मेलन में वृंदावन के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानन्द महाराज ने कहा कि सत्संग की महिमा अनंत है। सत्संग से ही जीवन में अच्छे और बुरे कार्यों की समझ आती है।
उन्होंने अजामिल, अंगुलीमाल तथा गोवर्धन डाकू जैसे अनेक उदाहरण देते हुए कहा के समाज में दुराचारी छवि के इन सभी का कालांतर में सत्संग से उद्धार हुआ है l
प्रवचन की शृंखला को आगे बढ़ाते हुए स्वामी प्रीतमदास ने सती और शिवजी के प्रसंग सुनाया। स्वामी शिवानंद, स्वामी नारायणानंद और स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने भी अपने प्रवचन से श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया। व्यवस्था में आयोजक प्रमोद गुप्ता, वेदप्रकाश गुप्ता, गोपालजी गुप्ता, किरणेश सिंह आदि का सहयोग रहा।
मनु–सतरूपा का प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
खुटार। गुलरहानाथ बाबा मंदिर परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में कथा व्यास श्रीराम वाजपेसी ने मनु सतरूपा का प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने रामचरितमानस के प्रसंगों को विस्तार से सुनाते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व तमाम श्रद्धालुओं ने यज्ञ में भाग लेकर आहुतियां दीं और परिक्रमा की। संवाद
अखंड पाठ के विश्राम पर भंडारा
कुर्रियाकलां। पल्हौरा गांव के भगवान शिव के मंदिर पर आयोजित श्रीराम चरितमानस के अखंड पाठ का मंगलवार को विश्राम होने के बाद प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। वेदप्रकाश अग्निहोत्री ने वेदी एवं हवन कुंड तैयार किया और पंडित शिवनंदन शास्त्री ने मंत्रोच्चारण कर हवन संपन्न कराया। यजमान मुकेश त्रिवेदी ने सपत्नीक हवन में पूर्णाहुति दी। तत्पश्चात, भंडारे का आयोजन किया गया। संवाद
निस्वार्थ सेवा के लिए किया प्रेरित
जलालाबाद। पुराने डाकघर के पास होलीस्थल पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को कथा व्यास पंडित अक्षय मिश्रा ने श्रद्धालुओं को निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित किया। अंत में भगवान की आरती उतारकर सभी को प्रसाद वितरित किया गया। संवाद