जैतीपुर। ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने का संकल्प पूरा करने के लिए वर्ष 2008 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने नवादा मोड़ के पास ग्राम पंचायत अगरौली की जमीन पर लाखों की लागत से सरस हाट स्थल का निर्माण कराया था। इसके तहत हाट स्थल पर 20 पक्की दुकानें बनाई गईं और टिनशेड डाले गए थे। इसके बावजूद न तो दुकानों का आवंटन हुआ और न ही जरूरतमंद बेरोजगार युवाओं को टिनशेड आवंटित हुए। नतीजे मेें हाट स्थल परिसर पशु बांधने का तबेला बन गया और दुकानों में ग्रामीणों ने भूसा भर रखा है।
सरस हाट स्थल बनाने का उद्देश्य यह था कि स्थानीय बेरोजगार युवकों को घर बैठे कमाई लायक रोजगार मिल सके। दुकानें इसलिए बनाई गईं कि आसपास के कसबों में किराए पर दुकानें और खोके लेने के बजाय यहां के बेरोजगार सरस हाट की दुकानों में किसानों और ग्रामीणों की दैनिक आवश्यकता वाली चीजें जैसे खाद, बीज, कीटनाशक, फल सब्जी आदि की बिक्री कर सकें। सिस्टम की बदहाली और अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह दुकानेें कुछ ग्रामीणों की निजी मिल्कियत बन गई हैं। देखभाल नहीं होने से हाट स्थल परिसर में घास और झाड़ियों ने जगह बना ली है।
दुकानों का आवंटन नहीं होने सरस हाट स्थल सन्नाटे में डूबा रहता है। इसका लाभ उठाते हुए अराजक तत्व बाउंड्री पर बना मुख्य गेट उखाड़ ले गए। गेट कौन ले गया, इसकी जानकारी ग्राम प्रधान को भी नहीं है। ग्रामीणों ने हाट स्थल परिसर में बनी दुकानों में भूसा भर दिया और वहां अपने पशु बांध रहे हैं। परिसर में लगे शिलान्यास के पत्थर से पता चलता है कि 29 दिसंबर 2008 को बसपा सरकार के तत्कालीन ग्राम विकास मंत्री दद्दू प्रसाद ने इसका शिलान्यास किया था। शिलान्यास के बाद से वहां की बदहाली देखने कोई नहीं आया।
जिम्मेदारों के गैर जिम्मेदाराना बयान
मैंने खंड विकास अधिकारी को सरस हाट की दुर्दशा के बारे में कई बार बताया। ग्रामीण बेरोजगारों को वहां की दुकानें आवंटित कराने के लिए भी अधिकारियों से पत्राचार किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब तो सरस हाट की बाउंड्री भी जर्जर हो गई है।
-सुरेंद्र गुप्ता, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अगरौली
हमारी मंडी के रिकार्ड में जैतीपुर की सरस हाट नहीं है, लेकिन इस बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। यदि सरस हाट मंडी के रिकार्ड मेें पाई गई तो वहां की व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।
- चंद्र राज सिंह प्रदीप, मंडी सचिव, मीरानपुर कटरा
सरस हाट ग्राम पंचायत के अधीन नहीं है। इसके बावजूद यदि वहां किसी का कोई अतिक्रमण पाया गया तो संबंधितों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
- डॉ. विजय प्रताप यादव, खंड विकास अधिकारी, जैतीपुर