शाहजहांपुर। संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती सोमवार को श्रद्धा के साथ मनाई गई। समाज के लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे शिक्षा के प्रबल पक्षधर थे।
शहर के लोधीपुर स्थित कार्यालय में संत गाडगे जन कल्याण समिति ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। संस्थापक अध्यक्ष व पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. दोदराम वर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह देश के उत्कृष्ट समाज सुधारक, दीनहीनों के मसीहा, स्वच्छता अभियान के आद्यप्रवर्तक गुरु थे।
अपने समकालीन महापुरुषों के प्रेरणास्रोत गाडगे बाबा शिक्षा को विकास का प्रथम सोपान व मूलमंत्र मानते थे। उन्होंने लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर धार्मिक आडंबर, दहेज प्रथा, अशिक्षा, पशुबलि, नशाखोरी आदि कुरीतियों को समाप्त करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर रामनिवास यादव, शिवशंकर निराला, प्रिंस सागर, राजन सागर, आदित्य वर्मा, कुसुम, रीतिका वर्मा, सुनीता कनौजिया, आशा गौतम आदि मौजूद रहे।
जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा
शाहजहांपुर। संत गाडगे सेवा संस्थान की ओर से संत गाडगे की जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा का कई जगह पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। विसरात स्थित हनुमत धाम से शोभायात्रा का शुभारंभ एमएलसी डॉ.सुधीर गुप्ता ने गाडगे बाबा की प्रतिमा का पूजन कर किया। शोभायात्रा केरूगंज, चारखंबा और गर्रापुल होते हुए आवास विकास परिषद बरेली मोड़ स्थित संत गाडगे पार्क पहुंची। यहां आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता भाजपा नेता उपेंद्र पाल व एसबीआई के प्रबंधक ओमवीर सिंह ने विचार रखे। प्रो.राजेश कुमार आर्य, संस्थापक राम ड़ैते कनौजिया, मुनेश्वर दयाल कठेरिया, प्रोफेसर राजेश कुमार, ओमवीर सिंह, गुड्डू लाल भारती, अजय कनौजिया, प्रदीप कनौजिया आदि मौजूद रहे। संवाद
शोभायात्रा से पहले संत गाडगे की प्रतिमा पर पूजन करते एमएलसी डाॅ.सुधीर गुप्ता। स्रोत: आयोजक