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पुलिस की सख्ती से नाराज साधु-संत ढाईघाट से लौटे

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ढाईघाट गंगातट से भगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन करते साधू संत। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। एक महीने तक लगने वाले रामनगरिया मेले की इस बार प्रशासन ने इजाजत नहीं दी। वहीं गंगा के दूसरी तरफ फर्रुखाबाद जिले की सीमा में कल्पवासियों के तंबू लगे। मंगलवार को कल्पवास के लिए पहुंचे लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि गंगा किनारे शाहजहांपुर की सीमा पर लगे कल्पवासियों के टेंट-तंबू हटाने के लिए पुलिस ने सख्ती की। नाराज लोगों ने प्रदर्शन भी किया। कुछ लोगों ने अपने तंबू खुद ही हटा लिए।
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मंगलवार को गंगातट पर जाने वाले कल्पवासियों के वाहनों को रोकने के लिए पुलिस ने मेलास्थल से पहले जलालाबाद-ढाईघाट रोड पर ग्राम चौरा के निकट बैरियर लगा दिया। गंगातट पर तंबू और अस्थायी मंदिर बनाये रामबाग आश्रम के महंत पूरनदास ने बताया कि मिर्जापुर पुलिस ने उनके सहित संत सेवाश्रम के महंत अन्नतदास, हथेल क्षेत्र के महंत हरिओम दास, सीताराम बाग के महंत रामसरन दास, परसौना क्षेत्र के महंत रामदास, श्यामबाग आश्रम के महंत गिरधराचार्य, जगदीशानन्द आश्रम सहित करीब डेढ़ सौ संतों के आश्रमों के तंबुओं को हटाने के लिए कहा। अब वे गंगा के उस पार फर्रुखाबाद जिले की सीमा में कल्पवास करेंगे।
रामबाग आश्रम के महंत पूरनदास ने बताया कि रामनगरिया मेला वर्ष 1923 से लगातार लग रहा है। पहली बार मेले पर रोक लगाई गई है। कल्पवासियों ने बताया कि शृंगी ऋषि की तपोभूमि ढाईघाट गंगातट पर एक माह से अधिक समय तक कल्पवास करने जिले के अलावा राजस्थान के संत अजुध्या दास, मध्यप्रदेश के संत सुरेंद्र दास, सीतापुर जिले के नैमिषारण्य के संत विद्यादास सहित सैकड़ों संत-महात्मा आए थे। पुलिस के रवैये से आक्रोश है।
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पंडा सेवा समिति के पिंटू मिश्र, अवधेश औदीच्य, रमेशचन्द्र, देवीदीन औदीच्य, आशीष कुमार आदि का कहना है कि मेले से पंडों, दुकानदारों, मजदूरों आदि हजारों लोगों को रोजी-रोटी मिलती है। संत गिरधराचार्य ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रयागराज, फर्रुखाबाद के पांचाल घाट, गढ़ मुक्तेश्वर और हरिद्वार में कुंभ मेलों का आयोजन हो रहा है। जबकि ढाईघाट गंगातट के मेले में कोरोना संक्रमण के कारण रोक लगाना ठीक नहीं है। गंगा के दूसरी तरफ फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर मेले के आयोजन पर कोई रोक नहीं लगी है।
मिर्जापुर थानाध्यक्ष मान बहादुर सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते मेला रामनगरिया ढाईघाट पर रोक है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर साधु-संतों और कल्पवासियों को गाइडलाइन का पालन करने के लिए कहा गया है। लोग कल्पवास के लिए भी रुक सकते हैं।
किसी को भी धार्मिक आयोजन से नहीं रोका जा रहा है। गंगा स्नान या अन्य धार्मिक संस्कार लोग गंगा तट पर कर रहे हैं। इस वर्ष जिला पंचायत की ओर से मेले का आयोजन नहीं किया जा रहा है। किसी को वहां से हटाने की जानकारी नहीं है। - इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी, शाहजहांपुर
कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक पुलिस काम कर रही है। किसी को धार्मिक कार्यों से नहीं रोका गया है। वहां पर आने वाले लोगों को भी पुलिस ने चेताया है कि वे गाइडलाइन का पालन करें। किसी को हटाने जैसी बात नहीं है। - संजीव वाजपेयी, एसपी ग्रामीण, शाहजहांपुर

ढाईघाट रोड पर ग्राम चौंरा के निकट बैरियर लगाकर कल्पवासियों के समान से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली लौटात?- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

ढाईघाट मेले में पुलिस की सख्ती से तंबू उखाड़ रहे साधू संत। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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