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Shahjahanpur News: बोर्ड बैठक में हंगामा, उठकर चली गईं चेयरमैन

Tue, 29 Oct 2024 02:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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तिलहर। सात माह के बाद सोमवार को बुलाई गई नगर पालिका बोर्ड की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अनियमितताओं को लेकर चेयरमैन हाजरा बेगम से जवाब नहीं मिला तो उनके विरोधी खेमे के सभासद लामबंद हो गए। उन्होंने कार्यवाही रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से मना कर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर चेयरमैन वहां से उठकर चली गईं।
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दोपहर करीब 2:30 बजे सभासद पालिका सभागार में बैठक के लिए पहुंचे। विरोधी खेमे के सभासदों ने कार्यवाही रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। ईओ कल्पना शर्मा ने समझाया कि हस्ताक्षर के बाद ही सभासद बैठक में उपस्थित माने जाएंगे। विरोधी खेमे के सभासद सत्येंद्र सिंह, दिलीप सक्सेना, संदीप रस्तोगी, अमित रॉकी आदि ने हस्ताक्षर बाद में करने की बात कहते हुए बैठक शुरू कराने को कहा। इस पर माहौल में तल्खी पैदा हो गई।
विधायक और पालिका अध्यक्ष ने बैठक में अनावश्यक हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई। बाद में ईओ ने बैठक शुरू कर कई बिंदुओं पर चर्चा कराई, लेकिन आउटसोर्सिंग पर लगे 258 कर्मचारियों की अनियमितताओं काे लेकर कोई उत्तर नहीं मिलने पर सभासद फिर हंगामा करने लगे। इससे नाराज पालिका अध्यक्ष विधायक को वहीं छोड़कर आवास पर चली गईं। कार्यवाही लिख रहे वरिष्ठ लिपिक अयूब अली भी रजिस्टर लेकर सदन से निकल गए।
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सभासद भी सदन कक्ष से बाहर आकर बरामदे में धरने पर बैठ गए। जानकारी पाकर एसडीएम जीत सिंह राय और इंस्पेक्टर राकेश कुमार पुलिस बल के साथ पालिका पहुंचे और सभासदों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सभासद कार्यवाही रजिस्टर सहित लिपिक को बुलाने पर अड़े रहे। बाद में विरोधी गुट के 12 सभासदों ने ईओ को हस्ताक्षर युक्त पत्र देकर बैठक कार्रवाई निरस्त किए जाने की मांग की।

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विधायक की भाजपाई सभासद से हुई नोकझोंक
बैठक के लिए विधायक सलोना कुशवाहा जब सदन कक्ष में दाखिल हुईं, तो पहले से मौजूद कुछ सभासद कुर्सियों पर बैठे रहे। विधायक ने ईओ से पालिकाध्यक्ष के बारे में पूछा। बाद में कहा कि सभासदों को उनके आने पर विधायक के नाते खड़े होकर सम्मान करना चाहिए था। इस पर विरोधी खेमे के भाजपा समर्थक सभासद सत्येंद्र सिंह बोले कि सम्मान हासिल किया जाता है, किसी के देने से नहीं मिलता। इस बात को लेकर दोनों में नोकझोंक होने लगी, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने विवाद शांत करा दिया। पत्रकारों से बातचीत में सलोना कुशवाहा ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को सम्मान दिया जाना चाहिए। जो भी आज हुआ, वह ठीक नहीं था। सभी को मिलकर तिलहर के विकास के लिए सोचना चाहिए।
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बैठक की कार्रवाई के बाद विरोधी खेमे के सभासदों ने हंगामा किया। उनमें से 12 सभासदों ने हस्ताक्षरयुक्त पत्र देकर बैठक निरस्त करने की मांग की। विरोधी सभासदों ने कार्यवाही रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी नहीं किए हैं। सभासदों के पत्र पर निर्णय अध्यक्ष को करना है।
-कल्पना शर्मा, ईओ, नगर पालिका परिषद
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बोर्ड बैठक की मुझे पहले से कोई सूचना नहीं थी। हंगामा होने की सूचना मिलने पर शांति व्यवस्था के लिए मैं पालिका कार्यालय पहुंचा था। यदि पहले से जानकारी होती, तब वहां फोर्स लगाया जाता। अध्यक्ष के जाने के बाद बैठक का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
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-जीत सिंह राय, एसडीएम, तिलहर
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