मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि हजारों किसानों और कर्मचारियों के हित को देखते हुए बजाज ग्रुप की रोजा चीनी मिल में गन्ना पेराई का काम हर हाल में शुरू कराया जाएगा। शनिवार को उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां को स्वयं यह भरोसा दिया है।
घाटे में चल रही चीनी मिल को इस बार प्रबंधन चलाने के मूड में नहीं है। हालांकि, पिछला पेराई सत्र बीतने के बाद मिल प्रबंध तंत्र ने सैकड़ों किसानों को 40 हजार क्विंटल से अधिक गन्ना बीज उपलब्ध कराया। किसानों ने इसकी बुवाई भी कर दी, लेकिन बाद में प्रबंधन ने घाटे की भरपाई के लिए पेराई सत्र निरस्त करने की योजना बना ली। इसीलिए कारखाने की सालाना क्लीनिंग का काम भी टाल दिया गया।
किसानों और कर्मचारियों को मिल बंद होने का आभास हुआ तो उन्होंने हाय तौबा मचानी शुरू कर दी। नतीजे में प्रबंधन ने कारखाने की मशीनों की सफाई का काम शुरू करा दिया, लेकिन पेराई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की। रोजी-रोटी पर संकट देख किसानों-कर्मचारियों ने मिल गेट पर प्रदर्शन शुरू किए तो विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने भी समस्या का संज्ञान लिया। कांगे्रस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने धरना स्थल पर जीएम को तलब कर मिल चलाने की चेतावनी दी। सपा जिलाध्यक्ष ने भी वहां जाकर फैक्ट्री चलवाने का आश्वासन दिया।
अपने वायदे के मुताबिक सपा नेता ने शनिवार को मुख्यमंत्री से दूरभाष पर इसी मुद्दे पर वार्ता की। उन्हें बताया कि चीनी मिल बंद होने की दशा में डेढ़ लाख किसानों के आगे घोर आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा और वहां के हजारों कर्मचारी परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। तनवीर खां के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजा चीनी मिल चलाने के लिए जो कुछ किया जा सकता है, वह जरूर किया जाएगा।