स्थानीय मंडी में धान की भारी आवक शुरू होने से आढ़तियों और कमीशन एजेंटों के चेहरों पर मुस्कान आ गई है। पिछले एक सप्ताह में रोजा मंडी में करीब एक लाख क्विंटल से ज्यादा धान की आवक हुई है, लेकिन धान में नमी अधिक होने के कारण सरकारी केन्द्रों पर मात्र सौ क्विंटल धान की सरकारी खरीद हो सकी है। नमी युक्त धान होने के कारण किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य 1410 रुपये प्रति क्विंटल नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि एक अक्तूूबर से शुरू हुई धान की खरीद के लिए रोजा मंडी में चार क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पिछले एक सप्ताह में यहां एक लाख 12 हजार क्विंटल धान की आवक हुई है। दिन प्रतिदिन धान की आवक में बढ़ोत्तरी हो रही है। मंडी निरीक्षकों का कहना है कि दशहरा के बाद धान की आवक में भारी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है।
मंडी निरीक्षक सोमपाल ने बताया कि सरकारी धान की खरीद के लिये चार केन्द्र बनाए गए है, लेकिन सरकार द्वारा निर्धारित 17 प्रतिशत से ज्यादा का नमीयुक्त धान आ रहा है। इस कारण सरकारी खरीद न के बराबर हो रही है पिछले एक सप्ताह में यहां के केंद्रों पर सौ क्विंटल ही धान खरीदा जा सका है।
निघोना के किसान रिपुमर्दन सिंह ने बताया कि धान के केन्द्रो पर खरीद न होने से राइस मिलर मनमाने दामो पर किसानों का धान खरीद रहे हैं। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य के सापेक्ष में किसानों से नौ सौ रुपये से लेकर 1021 रुपये तक प्रति क्विंटल की खरीद की जा रही है।