खुटार। नगर पंचायत क्षेत्र में तालाबों पर अवैध कब्जों के मामले में नगर पंचायत के ही एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध है। आरोप है कि वह शिकायतों को अपने पास दबा लेता है। इसलिए अधिकारियों के पास मामले नहीं पहुंच रहे हैं।
बता दें कि नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 33 तालाब हैं। 16 पर तो पूरी तरह से अवैध कब्जा हो चुका है। इन तालाबों की जगह पर घर और दुकानें बनी हुई हैं। उन्हें किराये पर उठा दिया गया है, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने आज तक अवैध कब्जा हटवाने की जरूरत नहीं समझी। शेष बचे 17 तालाबों की जमीनों पर भी आधे से अधिक भाग में कब्जा कर घर और दुकानें बना ली गई हैं।
अधिकारियों को मामले की भनक तक नहीं लगी। नगर के ही कुछ लोगों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि नगर पंचायत में तैनात क्षेत्र का ही एक कर्मचारी तालाबों पर अवैध कब्जों के मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने ही नहीं देता है। गोला रोड किनारे बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास में भी इस कर्मचारी का नाम सामने आया था। बाद में मामला मीडिया की सुर्खियां बनने पर नगर पंचायत ने कार्रवाई की थी।
तत्कालीन डीएम के आदेश पर दर्ज हुई थी 12 लोगों पर रिपोर्ट
खुटार नगर के बीच में कुंडा तालाब है। यहां आधे नगर का बरसाती और गंदा पानी आता था। बड़े क्षेत्रफल का यह तालाब अवैध कब्जों की मार से सिकुड़ चुका है। वर्ष 2020 में तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तालाब पर अवैध कब्जे के आरोप में 12 से अधिक लोगों पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी अवैध कब्जे जारी हैं। वर्ष 2023 में भी एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम ने तालाब की पैमाइश की थी, लेकिन बाद में मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। कुंडा तालाब के काफी हिस्से को मिट्टी डालकर पाट कर घर बना लिए गए हैं। कई लोग अवैध कब्जे की तैयारी में हैं।
तालाब के मामले में भेजे गए आदेश के बारे में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से आख्या मांगी जाएगी। तालाबों पर अवैध कब्जे में कार्रवाई होगी। -संजय पांडे, एसडीएम, पुवायां