शासन स्तर पर लंबित नौ सूत्री मांग पत्र लंबित रखे जाने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े कर्मचारियों ने बुधवार को बस स्टेशन परिसर में गेट मीटिंग करके प्रबंध निदेशक के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही इस मौके पर प्रस्ताव पारित करके प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को आधी रात से रोडवेज बसों का चक्का जाम कर देने का संकल्प दोहराया।
गेट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए परिषद के शाखा अध्यक्ष राजेश पांडेय ने इस बात पर आक्रोश जताया कि संगठन के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निगम प्रबंधन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रबंध निदेशक को दिए गए मांग पत्र और हड़ताल के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया गया। उपाध्यक्ष राकेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि मांगों पर जल्द अनुकूल निर्णय नहीं किया गया तो शासन को दिए गए नोटिस के अनुरूप चार नवंबर को आधी रात से 12 घंटे तक बसों का चक्का जाम रखा जाएगा।
शाखा मंत्री विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि चक्का जाम हड़ताल के पहले एक नवंबर से बेमियादी विरोध प्रदर्शन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों से एकजुट रहने का आग्रह किया। प्रदर्शन में ओमकार सक्सेना, सुशील त्रिवेदी, वीर सिंह, कृपाल सिंह, उमेश चंद्र पांडेय, ओमवती, अतिरेक मिश्रा, नीता श्रीवास्तव, अर्चना मिश्रा, अनुराधा सक्सेेना, देशपाल सिंह, संतोष शुक्ला आदि शामिल रहे।