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होली पर अधूरी सड़कें और मलबा बनेगा सिरदर्द

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शाहजहांपुर में बरेली मोड़-गर्रा पुल मार्ग पर अजीजगंज तिराहा के पास पक्का निर्माण तोड़े जाने के ब? - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। महानगर को अटसलिया रेलवे क्रॉसिंग से जोड़ने वाले जीआईसी तिराहा और बरेली मोड़-गर्रा फाटक मार्गों का चौड़ीकरण कार्य कई बाधाओं के शिकंजे में जकड़ गया है। इन मार्गों के लिए अब तक न तो स्वीकृत बजट की संपूर्ण धनराशि अवमुक्त हो सकी और न ही चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे पक्के निर्माण पूरी तरह हट सके हैं। यही नहीं, जहां अतिक्रमण ढहाए जा चुके हैं, उनका मलबा सड़कों के दोनों ओर फुटपाथों पर बिखरा पड़ा है। ऐसे में लोगों का मानना है कि होली पर जर्जर सड़कों और उनके आसपास पड़े मलबे से लोगों को जूझना पड़ेगा।
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शहर में लोधीपुर, सरायकाइयां, पुत्तुलाल चौराहा, फतेहपुर चुंगी, अजीजगंज आदि कई ऐसे ही इलाके हैं, जहां पत्थर गिट्टी बिछाने के बाद रोका गया निर्माण कार्य सिरदर्द बन गया है। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के दावों के मुताबिक होली से पहले इसके पूरा होने के आसार भी नहीं हैं।
लोधीपुर से जीआईसी तिराहा तक सड़क किनारे पड़ा है मलबा
लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से महानगर को जोड़ने वाले अटसलिया रेलवे क्रॉसिंग से जीआईसी तिराहा तक 3.95 किमी लंबे मार्ग का चौड़ीकरण करने को राज्य योजना से 21.95 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। यह मार्ग गत वर्ष 30 जून तक बनकर तैयार होना था। पहले लॉकडाउन और बाद में सड़क के दोनों ओर खड़े पेड़ और बिजली के पोल चौड़ीकरण में आड़े आए। यह बाधाएं दूर होने के बाद काम शुरू हुआ तो बजट की धनराशि नहीं मिलने से निर्माण कार्य धीमा पड़ गया। यही नहीं, लोधीपुर से जीआईसी तिराहा तक अतिक्रमण से भी चौड़ीकरण बाधित हो गया। अब रोड के इस हिस्से से लोगों ने अपने पक्के निर्माण हटा लिए, लेकिन ईंट-पत्थरों और कंक्रीट का मलबा रोड के दोनों किनारों पर जस का तस पड़ा है। इलाके के लोगों का कहना है कि मलबा नहीं हटने पर होली के दौरान खासी असुविधा होगी। लोक निर्माण विभाग के अभियंता कहते हैं कि रोड के इस हिस्से में जब तक नगर निगम के स्तर से नाला निर्माण पूरा नहीं हो जाता, रोड बनाना संभव नहीं होगा।
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गर्रा पुल से अजीजगंज तक कठिन हुई डगर
बरेली मोड़ से गर्रा फाटक तक सड़क का चौड़ीकरण बजट के अभाव में धीमी गति से चल रहा है। नगर निगम और उसकी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारी जन सामान्य को हो रहीं दिक्कतों को अनदेखा करके अव्यवस्थित और मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कराने में जुटे हैं। इस मार्ग पर दोनों ओर के फुटपाथ पर पत्थर गिट्टी की एक परत बिछाए जाने का काम करीब एक वर्ष से हो रहा है। शासन से 1.80 किमी लंबे मार्ग के चौड़ीकरण को 11.20 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत हुआ, लेकिन अब तक मिले केवल 4.50 करोड़ रुपये और यह धनराशि भी बरेली मोड़ से जिला अस्पताल के आगे तक डिवाइडर समेत एक लेन तैयार करने पर खर्च हो चुकी है। यही नहीं, जिस हिस्से में डिवाइडर बनकर तैयार हो चुके हैं, वहां भी चौड़ीकरण कार्य रुका हुआ है। गर्रा पुल से आगे बढ़ते ही अजीजगंज तक पैदल चलना कठिन हो गया है क्योंकि जगह-जगह फुटपाथ पर फैले पत्थर के टुकड़े और तोड़े जा चुके पक्के निर्माण कार्यों का मलबा बिखरा पड़ा है।
परेशानी पैदा कर सकता है मलबा
हर साल होली पर निकलने वाले लाट साहब के जुलूस में हुड़दंगियों को काबू करने में पुलिस के पसीने छूट जाते हैं। दस दिन पहले से जुलूस के निर्धारित रूट की सड़कों और मकानों की छतों से ईंट-पत्थर हटाने का काम शुरू हो जाता है। ताकि जुलूस में कोई व्यवधान न पड़े। इस नजरिए से शहर के वे सभी इलाके संवेदनशील हैं, जहां राज्य योजना के तहत सड़कों का चौड़ीकरण करने के लिए फुटपाथ खोदकर मलबा डाला गया है।
दोनों मार्गों को चौड़ा करने के लिए संबंधित ठेकेदारों से किसी तरह काम लिया जा रहा है क्योंकि अभी बजट की संपूर्ण धनराशि अवमुक्त नहीं हो सकी है। शासन से अभी तक बजट के सापेक्ष दोनों मार्गों केे लिए बमुश्किल 7.50 करोड़ रुपये मिले, जबकि काम इससे ज्यादा हो चुका है। अतिक्रमण हटने के बाद वहां से मलबा हटाना नगर निगम के स्तर का काम है। होली तक डिवाइडर बनने से दोनों रास्ते चलने लायक बना दिए जाएंगे। - ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (प्रांतीय खंड एवं निर्माण खंड-1)
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