शव दिखाने की बात कहने पर वाहन में ही मृतका के पति को पीट जाने पर लोग भड़क गए और उन्होंने हंगामा कर दिया। भड़की भीड़ ने धाने पर धावा बोल दिया। जन आक्रोश को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने थाने से भागकर जान बचाई। लोगों का कहना है कि पुवायां थाने के एसआई नासिर खां ने सूझबूझ से काम न लिया होता तो थाने में बड़ी घटना हो सकती थी।
बस की टक्कर से अवनीश, मायादेवी और उनकी पुत्री मालती की मौत की जानकारी गांव मस्तीपुर और दिउलरिया पहुंची तो मृतकों के परिवार के लोगों के अलावा गांव से लगभग सौ पुरुष और महिलाएं घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। खीरी के दोनों गांव मौके से मात्र पांच-छह किमी की दूरी पर हैं। मृतकों के परिवार को सूचना देने के बाद पुलिस ने तीनों शव आननफानन में शाहजहांपुर भेज दिए। मृतकों के घरवाले मौके पर पहुंचे और शव दिखाए जाने की मांग की तो पुलिस ने मालती के पति दाताराम को गाड़ी में बैठा लिया और काफी देर तक इधर-उधर घुमाती रही। दाताराम का आरोप है कि उसने बेवजह घुमाने का विरोध करते हुए पत्नी का शव दिखाने को कहा तो उसे पुलिस की गाड़ी में ही पिटाई कर थानेे लाया गया।
थाने में दाताराम ने गांववालों को मामले की जानकारी दी तो लोग उत्तेजित हो उठे। सभी ने हंगामा कर दिया। भीड़ ने एक सिपाही औैर थाने के दीवान को पीटने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता देख पुलिसकर्मी भागकर छिप गए। सूचना पर पुवायां कोतवाली से एसआई नासिर खां ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। इसके बाद भीड़ बस को जला देने की बात कहती हुई दौड़ी तो नासिर खां ने फिर मोर्चा संभाला और भीड़ को बमुश्किल शांत किया। इसके बाद लोगों ने थाने के सामने जाम लगा दिया।
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युवक पिटा, तमाम लोगों से गाली गलौज
थाने के सामने लगभग एक घंटे तक पूरी तरह अराजकता की स्थिति रही। मोहल्ला कोट निवासी सूरज मिश्रा ने भीड़ को समझाना चाहा तो लोगों ने उसकी पिटाई कर दी और कपड़े फाड़ डाले। गांव ढाका के एक व्यक्ति को भीड़ ने पीटने के लिए दौड़ा लिया। उसने भागकर जान बचाई। भीड़ में किसी ने अफवाह फैला दी कि बस चालक को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन उसे छोड़ दिया गया। इस पर भीड़ शोर मचाती हुई थाने में घुस पड़ी और एक दीवान को पीटने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने मामले को शांत कराया।
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बिजली के तारों से निकली चिंगारी, मची भगदड़
जाम के दौरान पास में रखे ट्रांसफार्मर से शार्ट सर्किट के चलते चिंगारी निकलने लगी। इस पर जाम लगा रहे लोगों में भगदड़ मच गई। जानकारी पाकर बिजली उप केंद्र से कर्मचारी मौके पर पहुंचे और तार सही कर बिजली आपूर्ति सुचारु कराई।
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रोगी को पीठ पर ले जाया गया अस्पताल
थाने के सामने लगे जाम के दौरान 108 सेवा की एंबुलेंस मार्ग दुर्घटना में घायल एक युवक को लेकर पहुंची तो लोगों ने एंबुलेंस को भी रोक लिया। काफी कहने के बाद भी एंबुलेंस को नहीं निकले दिया गया, तो कुछ लोगों ने घायल को पीठ पर लादकर 20 मीटर दूर सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
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ढाई घंटे बाद पुलिस ने लाठियां फटकार कर खुलवाया जाम
दिन में लगभग साढ़े पांच बजे लगा जाम रात आठ बजे पुलिस ने बलपूर्वक खुलवा दिया। मृतक मालती देवी के पति दाताराम ने पुलिस को रोडवेज बस के अज्ञात चालक के खिलाफ तहरीर दी। इस बीच एक महिला मौके पर पहुंची और सीओ के हाथ से तहरीर छीनकर फाड़ दी। इस बीच कई थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंच चुकी थी। पुलिस ने लाठियां फटकार कर जाम खुलवा दिया।
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मेंहदी छूटने से पहले ही उजड़ गई मांग
खुटार।
मीरा देवी की हाथों की मेंहदी छुटने से पहले ही उसकी मांग का सिंदूर उजड़ गया। पति अवनीश की मौत से वह सुध बुध खो बैठी है। अवनीश के पिता सियाराम और मां बेबी का भी रो रोकर बुरा हाल है। अवनीश की शादी इसी वर्ष फरवरी माह में नीमगांव की मीरा देवी से हुई थी। जिस बाइक को बसे ने टक्कर मारी है वह अवनीश को दहेज में मिली थी। बाइक मीरा देवी के ही नाम है। शादी के बाद मीरा देवी पति के साथ हंसी खुशी से जिंदगी के पथ पर आगे बढ़ने के सपने संजोए थी, लेकिन शनिवार को हादसे में पति की मौत से उसके अरमान बुझ गए हैं।