नगर पंचायत में सोलर लाइट सहित कई मामलों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार ने कार्यालय के अभिलेखों के साथ विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
बता दें कि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सर्वेश पाल और वार्ड सदस्य विमला मौर्या ने रोजा नगर पंचायत में सफाईकर्मियों की वर्दी, सोलर लाइट आदि में घोटाला होने की शिकायत शासन-प्रशासन से की थी। साथ ही प्रस्ताव रजिस्टर में विकास कार्यों में हेराफेरी सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार सदर संजय कुमार शनिवार को दोपहर अवकाश होने के बाद भी नगर पंचायत कार्यालय पहुंचेे और दोनों शिकायतकर्ताओं के बयान लिए। बाद में नायब तहसीलदार ने श्मशान भूमि में सोलर लाइट के पैनल, रोडलाइट का स्थलीय निरीक्षण किया। पूरे मामले में नायब तहसीलदार ने कहा कि आरोपों पर विशेषज्ञों की राय लेना आवश्यक है। जांच में समय लगेगा। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
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सारे आरोेप राजनीति से प्रेरित
नगर पंचायत अध्यक्ष अजय गुप्ता ने लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने बताया कि पिछले 15 वर्षों से इतना विकास कार्य रोजा में नहीं हुआ, जितना उन्होंने अपने कार्यकाल में कराया। विकास कार्य नियमानुसार और तय मानक पर ही कराए गए हैं। उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद और निराधार है।