शाहजहांपुर में जीएफ कॉलेज में गोष्ठी में बोलती छात्रा। स्रोत: कॉलेज
शाहजहांपुर। आपातकाल लागू होने की 50वीं वर्षगांठ जीएफ कॉलेज में मनाई गई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मोहसिन हसन खान ने कहा कि आपातकाल न लगाकर आपसी विचार-विमर्श से समाधान निकालना चाहिए था। आपातकाल में तो सभी के अधिकार तक छिन गए थे।
डॉ. स्वप्निल यादव ने बताया कि यह एक ऐसा काल था, जिसमें मीडिया के सभी अधिकार छीन लिए गए थे। कई अखबारों का तो प्रकाशन भी रोक दिया गया था। डॉ. मोहम्मद शोएब ने कहा कि राजनीतिक रूप से आम जनता की स्वतंत्रता का हनन था। राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ.रईस अहमद व छात्रा दिव्यांशी गुप्ता ने विचार रखे। छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय में सामूहिक हस्ताक्षर अभियान चलाया। प्रो. सैयद मुजीबुद्दीन, डॉ. सुहेल अख्तर नकवी, डॉ. मुशर्रफ अली, डॉ. रोशन सिंह,उल्फत अंसारी मौजूद रहे।