लईक एक स्कूल के बच्चों को स्कूल लाने और घर ले जाने का काम करते हैं। उनको रुपयों से भरी एक थैली रंगीन चौपाल के पास मिली थी। जिसे वापस करते हुए उन्होंने यह प्रमाण दिया है कि इंसानियत और ईमानदारी से ही इंसान की पहचान होती है।
ईमानदारी अभी जिंदा है, इस बात को रिक्शा चालक लईक अहमद ने सच साबित कर दिया। लईक को रुपयों से भरी थैली मिली लेकिन उसने बगैर रुपये गिने उसे स्कूल में जमा कर दिया। बाद में थैली के मालिक ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया। स्कूल प्रबंधक शनिवार को उन्हें रुपये लौटाएंगे।
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महमंद जंगला मोहल्ले के रहने वाले लईक लीड कॉन्वेंट के बच्चों को स्कूल लाने-ले-जाने का काम करते हैं। उनको शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे रुपयों से भरी एक थैली रंगीन चौपाल के पास मिली थी। लईक ने बगैर लालच में आए वह थैली स्कूल में जमा करा दी।
स्कूल प्रबंधक मोहम्मद जमाल ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद सहायक प्रबंधक कृष्ण गोपाल भारद्वाज ने मोहम्मद जमाल से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में किराना की दुकान चलाते हैं। बाजार से सौदा लेने गए थे, तभी किसी तरह से रुपये से भरी थैली गिर गई। इसमें 14 हजार रुपये हैं। मोहम्मद जमाल ने शनिवार सुबह आकर उनसे थैली ले जाने के लिए कहा है।