फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समीक्षा में खुली  पौधरोपण की पोल

Fri, 05 Aug 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
विज्ञापन
समीक्षा में खुली  पौधरोपण की पोल  
विज्ञापन
शासन ने इस वर्ष बड़ी संख्या में पौधे रोपने का रिकार्ड कायम करने के लक्ष्य तय किया और उसी क्रम में जिले में चलाए गए अभियान में कई सरकारी विभागों ने रुचि नहीं ली। कुछ तो ऐसे मिले जिन्होंने एक भी पौधे नहीं रोपे। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभागवार अपडेट लेते हुए डीएम ने पौधरोपण की समीक्षा की तो पोल खुलकर सामने आ गई। सिर्फ वन विभाग, माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग ने लक्ष्य के मुताबिक पौधे रोपे। अन्य विभागों की अरुचि वाले रवैये पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि 15 दिन के अंदर संबंधित विभाग शत् प्रतिशत पौधरोपण कराकर अवगत करायें।
विज्ञापन

उद्यान एवं खाद्य प्रंसस्करण विभाग और भूमि एवं जल संसाधन विभाग ने एक भी पौधे नहीं रोपे जबकि इनके लिए लक्ष्य 3333-3333 पौधों का था। यही हाल औद्योगिक विकास विभाग का भी रहा जिसे 500 पौधे रोपने का लक्ष्य मिला था। सिंचाई विभाग ने 13333 के लक्ष्य के सापेक्ष 6062 पौधे, लोक निर्माण विभाग ने 3333 के सापेक्ष 700 और नगर पलिका परिषद ने 3333 के सापेक्ष 700 पौधे रोपे। दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपने  लक्ष्य चार हजार के सापेक्ष नौ हजार पौधे रोपे जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने लक्ष्य के मुताबिक 2667 पौधे रोपे। वन विभाग ने अपने तय लक्ष्य के अनुरूप कुल 6.80 लाख पौधे रोपे जबकि ग्राम विकास विभाग ने 1.11 लाख से अधिक पौधे के लक्ष्य के सापेक्ष में 25 हजार पौधे रोपे। अन्य विभागों द्वारा 11 हजार 700 पौधे रोपे गए।
जिलाधिकारी पुष्पा सिंह ने बताया कि जिला उद्यान विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत नवीन उद्यान रोपण कार्यक्रम के अंतर्गत शासन से जिला प्रशासन को भौतिक लक्ष्य आवंटित कर दिया गया है। इसके तहत आम उद्यान रोपण पर 7650 रुपये प्रति हेक्टेयर, अमरूद उद्यान रोपण पर 11502 रुपये प्रति हेक्टेयर, टिश्यू कल्चर केला के रोपण पर 30739 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान अनुमन्य है। 
विज्ञापन

डीएम पुष्पा सिंह ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इसी प्रकार पुष्प कार्यक्त्रस्म के अंतर्गत ग्लेडियोलस की खेती पर लघु /सीमांत कृषकों हेतु 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर एवं सामान्य कृषकों को 37.5 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलेगा। रजनीगंधा की खेती पर लघु/सीमांत कृषकों को 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर एवं सामान्य कृषकों को 25 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर एवं गेंदा की खेती पर लघु/सीमांत कृषकों 16 हजार रुपये और सामान्य कृषकों को 10 हजार रुपये अनुदान अनुमन्य है। इसी प्रकार मसाला कार्यक्रम हेतु मिर्च एवं लहसुन की खेती पर12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान अनुमन्य है। इच्छुक कृषकों को उक्त कार्यक्त्रस्मों का लाभ लेने के लिए पोर्टल वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। कृषक अपना पंजीकरण लोकवाणी/जनसुविधा केंद्र/साइबर कैफे अथवा जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें