पुवायां। किशोरी की मौत के मामले में डीएम को प्रार्थनापत्र देने के बाद पुलिस ने दो डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुवायां के मोहल्ला छावनी निवासी विनोद की पत्नी रीना देवी ने बताया कि उनकी 14 वर्षीय पुत्र निशा को बुखार होने पर तीन सितंबर की रात नौ बजे एसएम हॉस्पिटल पुवायां ले जाकर दिखाया था। अस्पताल में डॉ. अतुल पांडे और डॉ. अनुज पांडे ने बिना चेकअप किए ही निशा के गलत इंजेक्शन लगा दिया था। कुछ ही देर में निशा की मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत घर भेज दिया और निशा का शव अपनी गाड़ी से घर भिजवा दिया था। इसके बाद अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दी गई थी।
इसके बाद परिजनों ने डीएम से गुहार लगाई। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बीएएमएस डॉक्टर अतुल पांडे ने बताया कि शिकायतकर्ता संतुष्ट था। अब रिपोर्ट दर्ज कराने की जानकारी नहीं है। अस्पताल के संचालक अनुज मिश्रा ने बताया कि उनका सरनेम पांडे नहीं है। निशा का इलाज मेरे अस्पताल में नहीं हुआ था। रिपोर्ट गलत दर्ज कराई गई है।
जांच में नहीं मिले थे डॉक्टर
किशोरी की मौत के बाद चार सितंबर को एसीएमओ डॉ. मोहम्मद आसिफ ने अस्पताल पहुंचकर जांच की थी। एसीएमओ ने बताया था कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, लेकिन जिन दो डॉक्टरों के नाम अस्पताल में लिखे थे, वे नहीं मिले थे। एक बीएएमएस डॉक्टर मिलीं थी और बताया था कि निशा को अस्पताल में कोई दवा नहीं दी गई और इंजेक्शन भी नहीं लगाया गया। निशा के आने पर परिजनों को बाहर ले जाने की सलाह देकर भेज दिया गया था। निशा के परिजनों ने एसीएमओ की गाड़ी का घेराव भी किया था। इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।