विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर परिषद के अखिल भारतीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने हिंदुओं से एकता के सूत्र में बंधने की अपील की। कहा, अब हिंदुओं का शौर्य जाग चुका है, इसलिए लव जेहाद और धर्मांतरण जैसे खेल बर्दाश्त नहीं होंगे।
खिरनीबाग रामलीला मैदान में बजरंग दल के सहयोग से हुए सम्मेलन में डॉ. जैन ने कहा कि हिंदू संस्कृति नारियों को भोग्या नहीं, पूज्या मानती है। देश में लव जेहाद और धर्मांतरण का जो खेल खेला जा रहा है, वह बंद होना चाहिए। हिंदुओं की बहू-बेटियों और युवाओं का लोभ-लालच तथा ताकत के बल पर धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब हिंदू जाग चुका है, इसलिए धर्मांतरण जैसे कृत्य बर्दाश्त नहीं होंगे। कहा: जिनको पूरी दुनिया अछूत कहती है, उन्हें अपनाकर और गले लगाकर समाज को मजबूत बनाना चाहिए। जिस तरह भगवान राम ने भीलों को साथ लेकर रामराज की स्थापना की थी, उसी सभ्यता को आज भी जिंदा रखने की जरूरत है। दूसरों का अस्पृश्य और अछूत मानना हिंदू संस्कृति नहीं हो सकती।
डॉ. जैन ने कहा कि अयोध्या में किसी याचना से नहीं, अपितु हिंदू समाज की ताकत से राम मंदिर का निर्माण होकर रहेगा। बोले, हिंदुस्तान में बाबर की नहीं, भारत माता की संतान बनकर रहना होगा। इससे पूर्व प्रांत मंत्री राजीव सिंह, संत आत्मानंद गिरि, रवि मिश्रा, विनोद शुक्ल, राजेश अवस्थी आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन का शुभारंभ संत अनंतदास, मुख्य अतिथि डॉ. जैन, उद्योगपति रामचंद्र सिंघल, प्रमोद अग्रवाल, मनेंद्र सिंह चौहान, कृष्ण कुमार गर्ग, कृष्ण कुमार सक्सेना, दयाशंकर शर्मा, राजेश अवस्थी आदि ने भगवान राम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। संयोजक अनुज सिंह के संचालन में हुए सम्मेलन में राज कुमार सिंह, राजाराम मिश्र, बलवीर सिंह, सुरेश सिंघल, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, बेचेलाल कश्यप, राजपाल सिंह, राहुल पाठक, डॉ. संदीप अवस्थी, रतनपाल सिंह, युगेश कृष्ण, श्रीगोपाल, डॉ. आरडी राठौर आदि का सहयोग रहा।
डॉ. जैन और तारा गुप्ता
को किया सम्मानित
हिंदू सम्मेलन में बजरंग दल के सह जिला संयोजक प्रियंक पांडेय, विपिन शुक्ला, मानस मिश्रा, अनुज शर्मा, मनीष शुक्ला, आलोक शर्मा आदि ने मुख्य अतिथि डॉ. जैन को गदा भेंटकर सम्मानित किया। इसी कड़ी में मुख्य अतिथि ने मोहल्ला वाजिद खेल में गोवंश तस्करी पकड़वाने में अहम् भूमिका निभाने वाली तारा गुप्ता को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया।