माघ मेला ढाईघाट में प्रथम पर्व पौष पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर तमाम श्रद्धालु और साधु संत कल्पवास करने के लिए गंगा मइया के तट पर पहुंच गए हैं। इस मेले में जिला पंचायत प्रशासन अब भी जनसुविधाओं को अंतिम रूप नहीं दे पाया है।
जिला पंचायत के प्रबंधन मे चल रहे मेले में पेयजल का गंभीर संकट है। वैसे अधिकांश पेयजल की पूर्ति गंगाजल से ही होती थी, लेकिन इस बार गंगातट की सफाई के नाम पर गंदगी गंगा में बहा दी गई है। इससे लोगों की इच्छा गंगा जल पीने की नहीं हो रही है। मेले मे सड़कों के निर्माण के नाम पर भी खानापूर्ति ही की गयी है। जिससे वाहन फंस रहे हैं। मेले के प्रथम पर्व पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओें को सुविधा पूर्वक स्नान करवाने के लिए पंडा खुद गंगा घाटों की सफाई के साथ ही घाट व्यवस्थित करने में जुटे रहे। मेले में लगाया गया पुलिस फोर्स भी अभी तक नहीं पहुंचा है।
मेला इंचार्ज तुलसीराम ने बताया कि मेले की सफाई के लिए डीपीआरओ से 50सफाई कर्मियों की मांग की गई थी, जिसमें 28 ही ड्यूटी पर आये हैं।