औरंगाबाद में रविवार को ईसा मसीह की प्रार्थना सभा को जुटे लोग पुलिस के पहुंचते ही तितर-बितर हो गए। पुलिस ने गांव के चौकीदार समेत पांच लोगों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार इस चौकीदार के भतीजे धर्मवीर ने एक ईसाई लड़की से शादी कर ली थी, इसके बाद से धर्मवीर और उसके परिवार वालों की ईसाई धर्म में आस्था हो गई है।
पिछले दिनों धर्मांतरण का मामला उछलने के बाद पुलिस चंगाई सभा पर सख्ती किए हुए है, ताकि उसकी आड़ में कोई बड़ा बवाल खड़ा न हो जाए। रविवार को औरंगाबाद में रामभजन वाल्मीकि के घर के बाहर प्रार्थना सभा होने की जानकारी पुलिस को मिली तो दरोगा सुनील कुमार वहां पहुंचे। भीड़ के तितर-बितर होने के बाद पुलिस ने कार्यक्रम के मुख्य आयोजक चौकीदार श्रीकृष्ण व जोधा से पूछताछ की। रामभजन का कहना था कि वे लोग करीब दो साल से हर रविवार को जुटते आ रहे हैं और प्रभु ईसा मसीह की प्रार्थना करते हैं। साथ ही बताया कि श्रीकृष्ण का भतीजा धर्मवीर ने ही यहां यह शुरुआत कराई थी। नागालैंड में रहते हुए धर्मवीर ने शादी की थी और अब देहरादून में नौकरी कर रहा है। अब इन प्रार्थना सभा में गांव के 11 में से आठ परिवार हिस्सा लेते हैं। औरंगाबाद के अलावा ग्राम बानगांव व कलान क्षेत्र के ग्राम बम्हनी में भी प्रार्थना सभा होने की बात पुलिस को पता चली है।
सूचना तो धर्मांतरण कराने की मिली थी, मगर वहां जाकर पता चला कि लोगों ने धर्म परिवर्तन किया नहीं है, सिर्फ प्रार्थना सभा करते हैं। कोई बाहरी धर्मगुरु नहीं पाया गया। पांच लोगों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गयी है।
- प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष, मिर्जापुर