जिले से होकर बहने वाली गंगा और रामगंगा समेत अन्य नदियों में उत्तराखंड समेत पश्चिमी उप्र के बैराजों से सोमवार को सुबह करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, सुबह भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर पांच सेमी कम पाया गया। बरेली के चौबारी में रामगंगा भी घट रही है, लेकिन शहर के समीप बह रही गर्रा का जल स्तर 45 सेमी बढ़ गया। बैराजों से लगातार पानी रिलीज होने से नदियों के फिर से चढ़ने की आशंका है।
बीते दिन नरौरा बैराज से गंगा में 1.34 लाख क्यूसेक पानी बहाए जाने की सूचना मिली थी। अतिरिक्त पानी की यह खेप आधी रात से सुबह तक आगे फर्रुखाबाद निकल गई। इस वजह से कलान ब्लॉक के भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर पांच सेमी घटकर 142.60 मीटर रह गया। चौबारी से लेकर जलालाबाद तक रामगंगा भी घट गई, लेकिन सोमवार को बैराजों से हुई निकासी का असर नदियों पर फिर दिख सकता है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचना के अनुसार खो, हरेली, रामनगर, किच्छा आदि बैराजों से रामगंगा में केवल 9161 क्यूसेक पानी बहाया गया। विभागीय तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार उत्तराखंड में अगले 48 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी सही साबित हुई तो गंगा-रामगंगा के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में गर्रा का जल स्तर 45 सेमी बढ़कर 145.85 मीटर हो गया है। ड्यूनी डाम से हो रही पानी की निकासी गर्रा में उफान ला रही है।