मौसम में वायरल, चिकनगुनिया और डेंगू सरीखे बुखार वाली बीमारी के बढ़े प्रकोप ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को चिंता में डाल रखा है, लेकिन इस मौसम में बीमारी से हो रही मौत संबंधी सटीक आंकड़े इन विभागों के पास नहीं हैं, लेकिन श्मशान रजिस्टर इस भयावहता को चुपचाप बयान कर रहा है। शहर के दो मुख्य श्मशान घाट गर्रा मोक्षधाम और खन्नौत मोक्षधाम में बीती अगस्त से बृहस्पतिवार तक कुल 254 शवों को अंत्येष्टि हुई, जिनमें से 207 के मौत की वजह बीमारी रही है।
मौत की यह वजह अचानक, स्वाभाविक, वृद्धभनावस्थाजनित बीमारी, हार्ट अटैक, हत्या, गोली लगने, डूबने, फांसी लगा लेने, कैंसर आदि के अलावा अन्य रूप में दर्ज है। गर्रा मोक्षधाम पर बीते अगस्त माह में 80 शवों की अंत्येष्टि हुई, जिनमें से 65 मौतों की वजह बीमारी के रूप में दर्ज है। चालू सितंबर में बृहस्पतिवार दोपहर तक 77 शवों की अंत्येष्टि हुई, जिनमें से 59 में मौत की वजह बीमारी के रूप में दर्ज है। खन्नौत मोक्षधाम पर बीते अगस्त माह में 53 शवों की अंत्येष्टि हुई, जिनमें से 46 में मौत की वजह बीमारी रही, जबकि चालू सितंबर में बृहस्पतिवार दोपहर तक 44 शवों की हुई अंत्येष्टि में से 37 मौत की वजह बीमारी रही। खन्नौत मोक्षधाम पर अंतिम क्रिया का लेखाजोखा संभालने वाले रामबली के अनुसार, मौसमी बीमारी से मरने वाले ही इस समय ज्यादा आ रहे हैं, जबकि अन्य वजहों से मरने वाले काफी कम। इस बार इस मौसम बीमारी से मरने वालों की संख्या पहले की तुलना में काफी ज्यादा है।
जिला अस्पताल में मरीजों की भरमार, बेड भी फुल
चालू मौसम में वायरल, डेंगू और चिकनगुनिया सरीखे बुखार के बढ़े प्रकोप से ग्रसित मरीजों की संख्या जिला संयुक्त चिकित्सालय में लगातार बढ़ रही है। ओपीडी में इस समय रोजाना करीब डेढ़ से पौने दो हजार मरीज पंजीकृत हो रहे हैं, जिनकी संख्या आम दिनों में 700 से एक हजार के बीच हुआ करती है। इस समय जिला पुरुष चिकित्सालय के सभी 260 बेड फुल हैं, जिनमें अतिरिक्त 50 बेड भी शामिल हैं। जिला महिला चिकित्सालय में भी सभी सौ बेड फुल हैं। प्रभारी सीएमएस डॉ. एके सिंह ने कहा कि चालू मौसम में एक बार तो ओपीडी में मरीजों की संख्या दो हजार भी पार कर गई थी, लेकिन अब इसमें कमी आई है। अस्पताल में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि मरीजों को कोई परेशानी ना हो।
डेंगू-चिकनगुनिया का हौव्वा गलत: सीएमओ
शाहजहांपुर। चालू मौसम में तमाम प्रकार के बुखारों के बढ़े प्रकोप पर सीएमओ डॉ. कमल कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि जिले में डेंगू और चिकनगुनिया का कोई विशेष प्रकोप या असर नहीं है, लिहाजा लोगों में इसका हौव्वा न बनाया जाए। एलाइजा टेस्ट में पुष्टि होने पर ही मरीज में डेंगू होने या न होने की बात की जाए। जिले में अभी तक सिर्फ छह बुखार पीड़ित मरीजों के एलाइजा टेस्ट में डेंगू पाजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इस समय वायरल बुुखार का प्रकोप ज्यादा है जो कि न केवल जिले या प्रदेश में, बल्कि एडवांस कहे जाने वाले राज्यों में भी हैं।
जिला अस्पताल में खुला फीवर हेल्प डेस्क
शाहजहांपुर। जिला अस्पताल में बुखार के रोगियों की सहायत के लिए बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. कमल कुमार ने फीवर हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया। सीएमओ ने बताया कि इसके माध्यम से वेक्टर जनित रोगों मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, जेई, चिकनगुनिया के लक्षण एवं बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी जिससे व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जा सके। इस मौके पर प्रभारी सीएमएस डॉ. एके सिंह समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे।