शाहजहांपुर। डीएम ने भ्रष्टाचार के आरोप में जांच के बाद भावलखेड़ा के सीडीपीओ आशुतोष तिवारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर संस्तुति की है। वहीं, शिकायत आने के बावजूद उसे रफा-दफा करने पर तत्कालीन डीपीओ अरविंद रस्तोगी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
आंगनबाड़ी वर्कर व अन्य महिला स्टाफ से अभद्रता किए जाने, महिला कार्मिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एरियर व अन्य कार्य के लिए धनराशि की मांग किए जाने का आरोप सीडीपीओ पर लगाया गया था। इस संबंध में एक वीडियो भी वायरल हुआ था। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा से मामले की जांच कराई।
शिकायतकर्ता ने बयान दिए थे कि आशुतोष तिवारी की हरकतों के बारे में उस समय डीपीओ रहे अरविंद रस्तोगी को अवगत कराया था। शिकायतकर्ता ने डीपीओ को यह भी बताया था कि परियोजना का राशन बेचे जाने के मामले में सीडीपीओ ने उन्हें दस हजार रुपये देकर शिकायत न करने को कहा था। इसके बावजूद डीपीओ ने कार्रवाई नहीं की। डीएम ने बताया कि विभाग के निदेशक को कार्रवाई की संस्तुति की गई है।