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बेटी की मौत से टूटे माता-पिता के सपने, रो-रोकर बुरा हाल

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शाहजहांपुर। एक महीने तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद पीड़ित छात्रा ने सोमवार देर रात दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी के असमय जाने के बाद परिवार अब दोषियों को कड़ी सजा चाहता है।
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कांट थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली युवती एसएस कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ रही थी। पिता के मुताबिक बेटी पढ़ने में होशियार थी। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन को देखते हुए वह बेटी को एसएस कॉलेज लेकर आते-जाते थे। बेटी दो भाइयों में सबसे बड़ी थी। बेटी अक्सर पढ़-लिखकर अपने पैरों में खड़े होने की बात करती थी। 22 फरवरी के पहले तक सब अच्छा चल रहा था। फिर 22 फरवरी की शाम तक सबकुछ बदल गया। छात्रा को साजिश रचकर फुसलाकर कॉलेज से नगरिया मोड़ के पास बाग तक लाया गया। जहां उसके साथ पढ़ने वाले दो युवकों ने एक अन्य युवक के साथ मिलकर दुष्कर्म की कोशिश की। विरोध के कारण असफल होने पर केरोसिन डालकर जलाने की कोशिश की गई। छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी। किसी तरह खुद के शरीर में लगी आग बुझाई। काफी देर तक बेहोश पड़े रहने के बाद बमुश्किल सड़क तक आकर ग्रामीणों से मदद मांगी। बाद में पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाया। शुरुआत में अपने साथ बीती दर्दनाक घटना से सहमी छात्रा चुप्पी साधे रही। उसी रात उसे लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर अपनों के बीच छात्रा की हिम्मत बंधी तो उसने मजिस्ट्रेट को खुलकर आपबीती बताई। छात्रा के बयान का बेसब्री से इंतजार कर रही पुलिस तत्काल हरकत में आई और उसने चारों आरोपियों पिंकी, मनीष, सुभाष और राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गांव में छाया मातमी सन्नाटा
छात्रा लगभग एक महीने तक लखनऊ में भर्ती रही। सोमवार देर रात उसकी मौत के बाद कांट क्षेत्र स्थित उसके गांव में रिश्तेदारों की भीड़ जुटने लगी। मंगलवार रात उसका शव गांव लाया गया। इसके बाद परिजन की चीत्कार से सबके कलेजे दहल गए। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।
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दोषियों को मिले कड़ी
बेटी की मौत से माता-पिता बदहवास हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं परिजन और ग्रामीण दोषियों को कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की जांच जारी रहेगी
एसपी एस आनंद ने बताया कि छात्रा के मृत्युपूर्व बयान केस के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। उसी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके अलावा भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस की जांच जारी रहेगी।
यह था पूरा मामला
छात्रा के पिता के मुताबिक उनकी बेटी ने उन्हें बताया था कि उसकी सहेली पिंकी से कॉलेज में उसका फाइल के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले को वह भूल गई थी लेकिन पिंकी अंदर ही अंदर उससे रंजिश मानने लगी थी। यही वजह थी कि आरसी मिशन थाना क्षेत्र के गढ़ीगाड़ीपुरा की रहने वाली पिंकी ने अपने रिश्तेदार चौक कोतवाली क्षेत्र के मौजमपुर के रहने वाले मनीष, पुवायां के रहने वाले राजू और उसके साथ पढ़ने वाले सुभाष के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। पिता ने बताया कि पिंकी ने बेटी को कॉलेज से बाहर मिलने के लिए बुलाया था मगर वह खुद नहीं गई। बेटी बहकावे में आकर कॉलेज से बाहर निकल गई। रास्ते में पहले से योजना बनाकर खड़े सुभाष, राजू और मनीष उसे जबरदस्ती नगरिया मोड़ के पास एक बाग में ले गए। बेटी को अंदाजा भी नहीं था कि साथ में पढ़ने वाले सुभाष और मनीष उसके साथ ऐसा खतरनाक काम कर सकते हैं। जब उसे उनके इरादों की भनक लगी तो उसने विरोध शुरू कर दिया। आरोपियों को लगा कि छात्रा उनके काबू में नहीं आएगी और बाद में उनकी असलियत सबके सामने ले आएगी तो उन्होंने उसे जलाकर मार डालने की कोशिश की। यह तो छात्रा की हिम्मत थी कि उसने आग बुझाकर खुद को उस वक्त बचा लिया।
आरोपी कर रहे सीबीआई जांच की मांग
आरोपियों के परिजन लगातार सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं। परिजन का कहना है कि आरोपी उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे जिसके उनके पास साक्ष्य हैं। मगर पुलिस ने सिर्फ छात्रा के बयान के आधार पर आरोपियों को जेल भेज दिया।
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