खुदागंज (शाहजहांपुर)। नगर के लोगों ने दशकों पुरानी अनूठी परंपरा का निर्वाह करते हुए रविवार को रंग पंचमी पर हर्षोल्लास के साथ होली मनाई। सुबह से लेकर दोपहर तक लोगों ने खूब रंग खेला। अबीर-गुलाल से नगर की सड़कें भी रंगीन हो गईं। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा में गधे पर सवार लाट साहब का पारंपरिक जुलूस भी निकाला गया। सभी ने एक-दूसरे को गले मिलकर होली की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया।
सुबह से ही लोग होलिका दहन स्थल पर पहुंचने लगे। इसके बाद सड़कों से लेकर गलियों तक रंगों की बौछारें राहगीरों को भिगोने लगीं। जिसे जो भी सामने से आता मिला, उसे रंग-बिरंगा करके लोग आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह युवा डीजे पर बज रहे होली गीतों पर थिरकते रहे।
सुबह दस बजे बच्चों से लेकर युवा और बुज़ुर्ग तक लाट साहब के जुलूस में शामिल होने के लिए मोहल्ला लक्ष्मीपुर में एकत्र हो गए। वहां लाट साहब को गधे पर बैठाकर लोगों का हुजूम अबीर-गुलाल उड़ाते हुए उनके साथ चल पड़ा। लाट साहब को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाने के लिए थाना प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह ने उसके चारों ओर पुलिस का सुरक्षा घेरा बना दिया।
लाट साहब के जूलूस में शांति व्यवस्था की निगरानी और उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए एसडीएम सदानंद सरोज व सीओ ज्योति यादव भी साथ रहे। जुलूस के थाना परिसर पहुंचने पर थाना प्रभारी ने लाट साहब काे सलामी देकर उनका स्वागत किया। वहां लाट साहब ने कुछ देर रुककर थाना प्रभारी से एक वर्ष का लेखा-जोखा मांगकर उसे देखने का स्वांग किया।
थाना प्रभारी ने लाट साहब को 1100 रुपये नजराना और उपहार देकर विदा किया। बाद में जुलूस पक्का तालाब, लाला हरिराम इंटर कॉलेज, सराफा बाजार, डाकखाना मार्ग, महादेव प्रसाद इंटर कॉलेज मार्ग, मुख्य बाजार, रामसहाय चौराहा होते हुए देवहा नदी के किनारे विसर्जित हो गया। जुलूस की व्यवस्था में नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह, सभासद सौरव गुप्ता, विनोद सिंह, प्रवीण मिश्रा, पूर्व प्रधान चिरंजीव शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य राजेश सिंह आदि का सहयोग रहा।
जब पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर गायब हो गए लाट साहब
पुलिस प्रशासन उस समय खासा परेशान हो उठा, जब जुलूस में साथ चल रहे लाट साहब अचानक गधे से उतरकर और पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर भीड़ में गुम हो गए। जुलूस में रंगे-पुते चेहरे लेकर साथ चल रहे लोगों की भीड़ में लाट साहब को पहचानना मुश्किल हो गया। लगभग 20 मिनट तक उनकी बेसब्री से तलाश की गई। बाद में लाट साहब को आसपास के घरों से होली का नजराना वसूल करते ढूंढ निकाला गया। लाट साहब के मिलने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
खुदागंज में रंग पंचमी के दौरान रंग से सराबोर लोग। संवाद
खुदागंज में रंग पंचमी के दौरान रंग से सराबोर लोग। संवाद