शाहजहांपुर। अल्हागंज में रामगंगा नदी डबरी घाट पर खतरे के निशान से 41 सेमी ऊपर बह रही है। भैसार ढाईघाट तटबंध पर गंगा नदी स्थिर है। गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर घट गया है।
बुधवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 134548 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दियूनी बैराज से गर्रा नदी में भी 11 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। इससे दोनों नदियों का जलस्तर अगले दो दिन में बढ़ने की संभावना है। रामगंगा नदी डबरी घाट पर वर्तमान में जलस्तर 137.710 मीटरगेज है, जबकि खतरे का निशान 137.300 मीटरगेज है।
खतरे के निशान से 41 सेमी ऊपर रामगंगा नदी बह रही है। भैसार ढाईघाट तटबंध पर गंगा का जलस्तर 143.470 मीटरगेज है। अजीजगंज में गर्रा नदी वर्तमान में 146.200 मीटरगेज पर बह रही है। बुधवार को पांच सेमी की गिरावट आई। वहीं खन्नौत नदी वर्तमान में 143.400 मीटरगेज पर बह रही है। इसमें भी 10 सेमी की गिरावट हुई है।
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नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। प्रशासन की टीमें जुटी हुईं हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ राहत सामग्री के साथ लोगों के खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जा रही है।
- अरविंद कुमार, एडीएम एफआर
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बाढ़ग्रस्त गांव में पीएचसी की टीम ने बच्चों की जांच की
परौर। कलान पीएचसी के डॉक्टरों की टीम ने बुधवार को रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित नारायणनगर पश्चिमी गांव जाकर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस बीच निपुण लक्ष्य के 19 मानकों की जांच की गई। बुधवार को टीम ने आंगनबाड़ी रेनू को बुलाकर बच्चों के स्वास्थ्य और उनके पोषण आहार से संबंधित जानकारी ली। बाद में गांव में भ्रमण कर खांसी, बुखार, खुजली, उल्टी-दस्त आदि रोगों से परेशान ग्रामीणों को दवाएं सुलभ कराईं। टीम में डॉ. शशि बाला गौतम, डॉ. इमरान खां, डॉ. इमरान अहमद, प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार वर्मा, ग्राम शिक्षा समिति की अध्यक्ष रीता कुशवाहा शामिल रहीं। संवाद