वैक्यूम प्रेशर मशीनों के जरिए निकाला गया पानी
ईवीएम भीगने से बचाने को लगे प्लास्टिक कवर
ईवीएम लाने-ले जाने को लगे आठ पिकअप वाहन
रात के बाद से सुबह तक हुई बरसात के कारण रोजा मंडी परिसर में मतगणना केंद्र के आसपास विकट जलभराव हो गया। प्रेक्षकों समेत अधीनस्थ अफसरों के साथ डीएम कर्ण सिंह चौहान मतगणना की तैयारियों का जायजा लेने शुक्रवार को सुबह रोजा मंडी पहुंचे तो वहां का नजारा देख सन्न रह गए। उन्होंने तत्काल अपने सामने मशीनों के जरिए कैंपस में जमा बरसाती निकालने की व्यवस्था कराई और बारिश से ईवीएम को बचाने के लिए अन्य कई इंतजाम कराए।
खास यह है कि रोजा मंडी के उसी हिस्से में बरसाती पानी जमा हो गया, जहां मतगणना केंद्र बनाया गया है। सीडब्ल्यूसी गोदाम गेट के बाहर से लेकर अंदर तक पानी भरा देख डीएम ने उसे निकालनने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। सीडब्ल्यूसी गोदाम परिसर का तल आसपास से काफी नीचा होने के कारण वहां पंपिंग सेट से पानी निकालकर आसपास बहाया जाना समस्या का व्यवहारिक समाधान प्रतीत नहीं हुआ।
इसे देखते उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम सर्वेश कुमार ने शौचालय टैंक की सफाई करने वाली दो वैक्यूम प्रेशर मशीनें मंगाकर चालू कराईं। पाइप के जरिए खींचा गया सारा पानी मशीनों के टैंक में जमा कर लिया गया। दोपहर बाद धूप खिलने से जलभराव से भीगी जमीन भी सूखने लगी। इसके बावजूद बारिश से मतगणना प्रक्रिया को बचाए रखने के लिए अधिकारियों ने अन्य कई व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया।
उदाहरणार्थ, सभी मतगणना हालों के गेट पर प्लास्टिक की चादरें तानी गईं, जिससे कि स्ट्रांग रूम से मतगणना हाल तक ईवीएम लाए जाने के दौरान उनमें किसी भी दशा में नमी नहीं पहुंचे। डीएम ने बताया कि स्ट्रांग रूम से ईवीएम लाने और गिनती के बाद उन्हें दोबारा सुरक्षित रखवाने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार ठह पिकअप वाहन लगाए गए हैं और उन पर भी प्लास्टिक की चादर डाली गई हैं।
डीएम के अनुसार कोई वाहन खराब होने की स्थिति में ईवीएम की आवाजाही सामान्य बनाए रखने के लिए दो पिकअप वाहन रिजर्व श्रेणी में रखे गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सामान्य प्रेक्षकों ने भी इन व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्वाचन आयोग को सकारात्मक रिपोर्ट भेजी है।