जुलाई की पहली झमाझम बरसात से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं दूसरी ओर शहर वालों को किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है।
मौसम की पहली तेज बरसात से रोडवेज के सामने सड़क ने तालाब का रूप ले लिया। इससे लोगों को पैदल निकलना तो दूर मोटर साइकिल और साइकिल से भी निकलना मुश्किल हो गया। गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार को शहर में 15 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। मानसून की पहली तेज बरसात के कारण रोडवेज पानी पानी हो गया। ऐसा पहली बार भी नहीं हुआ है कि बारिश के कारण रोडवेज के सामने पानी भरा हो। जब जब बरसात होती है तब रोडवेज के सामने की रोड तालाब बन जाती है।
शनिवार को भी बरसात के बाद लोगों का पैदल निकलना दूभर हो गया। रोडवेज के सामने की सड़क में और किनारों पर बड़े -बड़े गड्ढे होने के कारण उनमें पानी भर गया। इधर रोडवेज के निर्माणाधीन होने के कारण भी दिक्कतें बढ़ीं हैं। फर्श निर्माण न होने के कारण परिसर में जगह जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। सुलभ शौचालय के पास लगे गंदगी के ढेर से पानी बरसने पर सड़ांध आने लगी है। इससे यात्रियों को तो दिक्कत है ही साथ आस पास के लोगों को भी परेशानी हो रही है।