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Shahjahanpur News: बारिश और तेज हवा से खेतों में गिरी धान की फसल, मंडियों में भीग गए बोरे

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सुरेंद्र मोहन शुक्ला, किसान देवकली। संवाद
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शाहजहांपुर। मानसून का दौर थमने के बाद सोमवार शाम से आधी रात तक हुई 17 मिलीमीटर बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बारिश के दौरान तेज हवा चलने से खेतों में कटने के लिए तैयार खड़ी सैकड़ों बीघा धान की फसल गिर गई तो जिले की मंडियों में गल्ला आढ़तों पर खरीदा गया सैकड़ों क्विंटल धान भी भीग जाने से उसके खराब होने की आशंका पैदा हो गई है।
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जिन किसानों ने फसल काटने के बाद गट्ठर सूखने के लिए खेतों में छोड़ रखे थे, अचानक हुई बारिश के कारण वह भी भीग गए। बारिश से हुए नुकसान से किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं। किसानों के अनुसार अब उन्हें फसल काटने में भी समय लगेगा।


बारिश से तिलहर मंडी में सैकड़ों क्विंटल भीगा धान
तिलहर। मंडी परिसर में सोमवार की शाम किसानों और अनाज कारोबारियों में उस समय अफरातफरी मच गई, जब अचानक तेज बारिश होने लगी। करीब आधा घंटे तक हुई तेज वर्षा से खुले में रखे किसानों के सैकड़ों क्विंटल धान के अलावा गल्ला आढ़तों पर व्यापारियों के खरीदे गए धान से भरे सैकड़ों बोरे भी बारिश की चपेट में आकर भीग गए। कपसेड़ा गांव के किसान रावेश राठौर और धीरज राठौर ने बताया कि सोमवार दोपहर वह दो ट्राॅली धान मंडी लेकर आए थे, लेकिन तौल नहीं हो सकी। तेज बारिश से सारा धान भीग कर खराब हो गया। मंडी सचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, अचानक हुई बारिश से किसानों और व्यापारियों दोनों को ही नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। संवाद
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तेज हवा से खेतों में बिछ गई बारिश से भीगी धान की फसल
बंडा। मंडी में धान का बेहतर भाव नहीं मिलने पर किसानों ने फसल काटने के बजाय खेतों में छोड़ दी थी। तेज हवा व बारिश में फसल गिर जाने से पछता रहे हैं। मोहल्ला देवस्थान निवासी राजन सिंह, रनपाल सिंह, हरिपाल, कंधरपुर गांव के सुभाष चंद्र, उदयपुर खखरा निवासी विनय पांडेय आदि किसानों ने बताया कि उनका काफी धान खेत में गिर गया। उन्होंने सरकार से फसली नुकसान का मुआवजे की मांग की है। संवाद



महंगा बिकने की आस में रोकी गई फसल बारिश से हुई बर्बाद
देवकली। बारिश के साथ तेज हवा ने क्षेत्र में सैकड़ों बीघा धान की फसल खेत में गिरा दी है। सरकार ने समर्थन मूल्य 2369 से 2379 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन चावल मिल मालिक नमी ज्यादा बताकर 1500 से 1600 रुपये का भाव दे रहे हैं। इस वजह से तमाम किसानों ने धान महंगा बिकने की आस में अपनी तैयार फसल अब तक काटी नहीं थी। किसान फसल की बर्बादी का मंजर देख मायूस हो गए हैं। संवाद



किसान बोले- बारिश और तेज हवा ने सब बर्बाद कर दिया
दो एकड़ धान एक राइस मिल मालिक ने 1500 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदा और उसमें एक किलो प्रति क्विंटल करदा भी काट लिया। चार एकड़ धान महंगा होने पर काटने के लिए छोड़ा था, लेकिन तेज हवा और बारिश से वह खेत में गिर गया।

-हरेंद्र सिंह, देवकली (बंडा)
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चार एकड़ खेत में धान की फसल तैयार खड़ी है। भाव ठीक नहीं मिलने से अभी उसे काटा नहीं था। अब फसल भीग जाने के बाद उसे काटने से पहले सुखाने में समय लगेगा। धूप नहीं निकलने पर धान खराब होकर काला पड़ जाएगा।
-सुरेंद्र मोहन शुक्ला, देवकली (बंडा)

बीमित किसानों का यदि कहीं पर नुकसान हुआ है। वे शिकायत करेंगे तो सर्वे कराकर नुकसान की भरपाई कराई जाएगी।

- पुरुषोत्तम मिश्रा, उप कृषि निदेशक

मंडियों में अधिकतर धान की फसल आढ़तों पर है। यही धान काफी मात्रा में भीगा है। इसका कोई मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।
-राकेश मोहन पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी

सुरेंद्र मोहन शुक्ला, किसान देवकली। संवाद

सुरेंद्र मोहन शुक्ला, किसान देवकली। संवाद

सुरेंद्र मोहन शुक्ला, किसान देवकली। संवाद

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