व्हाट्सएप पर अभद्र टिप्पणी को लेकर रेलवे की दो यूनियन के पदाकिारियों के बीच आरडीआई कार्यालय में रविवार को जमकर हंगामा हुआ, नौबत आस्तीनें खिंचने तक पहुंच गई। मामला थाने तक पहुंचा, लेकिन सुलझ नहीं सका। बाद में मंडल मंत्री द्वारा क्षमा मांगने पर विवाद में विराग लग सका।
वाकया रोजा में रेलवे की नरमू और उरकू यूनियन के बीच रेलकर्मियों को लुभाने के लिये सोशल मीडिया पर अपने को ज्यादा ताकतवर बताने पर हुआ है। व्हाट्सएप ग्रुप में शुरू हुई बातचीत बाद में यूनियन से हटकर व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच गई।
मिली जानकारी के अनुसार उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी आसिफ अली और नादर्न रेलवे मैंस यूनियन के सहसचिव चंदन कुमार की व्हाट्सएप ग्रुप में रेलकर्मियों के संबंध में बात हो रही थी, जिसमें बात बढ़ गई। आसिफ अली ने अभद्र टिप्पणी और गाली गलौज कर चंदन कुमार को ग्रुप से रिमूव कर दिया। रविवार को इसी बात को लेकर नरमू के चंदन कुमार और उरकू के आसिफ अली आपने-सामने हो गए, जिसमें चंदन कुमार भारी पड़ गए। अपने को अकेला पाकर आसिफ अली ने नरमू के सचिव अमित भागवत मिश्रा और सहसचिव चंदन कुमार के खिलाफ थाने में तहरीर देकर अपनी जानमाल की सुरक्षा की गुहार की।
प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र भारद्वाज ने रेलवे के नरमू नेताओं को थाने पर बुलाया। इसी बीच शिकायतकर्ता आसिफ थाने से रफूचक्कर हो गये और पुलिस के बुलाने पर भी नहीं आये। फिर दोनों नेताओं को जाने दिया गया।
पुलिस से छूटने के बाद आहत नरमू के दोनों नेता अपने अन्य पदाधिकारियों के साथ आरडीआई कार्यालय जा धमके और आसिफ अली से हॉटटॉक करने लगे, इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर गाली गलौज हुई और आस्तीन तक खिंच गईं। इससे पहले मामला बढ़ता कि उरकू के मंडल मंत्री राकेश कुमार, जोनल सहसचिव विजय सिंह, नरमू के शाहजहांपुर के सचिव एनके त्यागी, सहसचिव अवधेश सक्सेना मौके पर पहुंच गये उन्होंने मामले को सुलटाने का प्रयास किया। बाद में उरकू के मंडल मंत्री राकेश कुमार ने आसिफ अली और संगठन की ओर से नरमू पर की गयी अभद्र टिप्पणी के लिए माफी मांगी, तब जाकर मामला शांत हो सका।