शाहजहांपुर/ रोजा। अटसलिया फाटक के पास मंगलवार सुबह मालगाड़ी पटरी से उतरने के बाद ट्रैक को घंटों ठीक करने काम चला। रेलवे के कर्मचारी सर्द हवाओं के बीच पटरी को बदलने का काम करते रहे। रात साढ़े 10 बजे के बाद ट्रैक ठीक किया जा सका और गाड़ियों को निकालना शुरू किया गया। इस बीच तीन बार मालगाड़ी का चक्का पटरी से उतरा, जिसके बाद अधिकारियों ने पटरी को बदलवाया।
कारों को लेकर गुडगांव से झारखंड जा रही मालगाड़ी अटसलिया फाटक के पास पटरी से उतर गई थी। जिससे रेल अधिकारियों में खलबली मची रही। रेल यातायात को सुचारु करने और मालगाड़ी की बोगियों को उठवाने के लिए अधिकारी देर रात तक अटसलिया फाटक पर ही डटे रहे। कर्मचारियों ने मालगाड़ी को पटरी पर लाने के लिए काम किया। इस बीच चक्का तीन बार पटरी से उतरा, तब अधिकारियों ने पटरी को ही बदलवाने का निर्णय लिया। रेल पटरी का पूरा टुकड़ा बदलवाने के बाद उस पर बैगन को लाया गया, पहले मजदूरों ने हाथ से धक्का देकर उसे आगे बढ़ाया। पूरी संतुष्टि के बाद आधिकारियों ने ट्रैक को फिट किया। रात करीब साढ़े 10 बजे मालगाड़ी को मेन लाइन से 25 नंबर लाइन पर पांच किमी की स्पीड से निकाला गया। तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद भी ट्रैक पर मरम्मत का काम चलता रहा। रात साढ़े 12 बजे सभी अधिकारी और कर्मचारी वापस लौटे। घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे अपर मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार उपाध्याय रात को ही मुरादाबाद रवाना हो गए थे।
रोजा यार्ड में खड़े किए गए मालगाड़ी के बैगन
रोजा। मारुति स्पेशल मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद अलग किए गए बैगन को रोजा यार्ड में खड़ा कराया गया है। जिन्हें पॉवर लोको पायलट मिलने के बाद रवाना किया जाएगा।
मंगलवार सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर मारुति स्पेशल मालगाड़ी अटसलिया फाटक के पास पटरी से उतर गई थी। जिसके 17 वैगन को काटकर शाहजहांपुर और सात को रोजा यार्ड में ले जाया गया था। देर रात को ट्रैक सही होने के बाद शाहजहांपुर भेजे गए वैगन को वापस रोजा लाकर यार्ड में खड़ा करवा दिया गया। जिनको लोको पायलट मिलने पर वापस भेजा जाएगा, जबकि पटरी से उतरे बैगनों को जांच पूरी होने के बाद ही रवाना किया जाएगा।
सीएंड डब्ल्यू व पीडब्ल्यूआई के अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
रोजा। अटसलिया फाटक के पास मालगाड़ी डिरेल होने के मामले की जांच को तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जबकि घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे एडीआरएम ने इसके लिए सीएंडडब्ल्यू को प्रथम दृष्ट्या दोषी करार दिया है, जिससे सीएंडडब्ल्यू पर कार्रवाई तो निश्चित है। उनके साथ ही पीडब्ल्यूआई के अधिकारियों पर भी तलवार लटक रही है। बताया जाता है घटना की जिम्मेदारी लेने को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच काफी नोंकझोक भी हुई है। कोई भी घटना की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। एक-दूसरे के ऊपर आरोप लगाए जा रहे हैं। जिस कारण ज्वाइंट रिपोर्ट को तैयार करने में भी देरी हुई।