वर्ष 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर पैठ को मजबूत करने एवं अपने संगठन के नेटवर्क में लगे जंग को हटाने के लिए कांग्रेस छह सितंबर से 20 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में किसान यात्रा निकालेगी। यह देवरिया से शुरू होकर शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर आदि होते हुए 45 लोकसभा और 235 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। इसमें राहुल गांधी अगुवाई करेंगे और पूरे समय प्रदेश में ही रहेंगे। इसमें पार्टी की ओर से केंद्र और प्रदेश सरकार से किसानों के मुद्दे पर सवाल दागते हुए नारा रहेगा कि ‘कर्जा माफ बिजली बिल हाफ, समर्थन मूल्य साफ’।
बृहस्पतिवार को यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने यात्रा के संबंध में लखनऊ रवाना होने से पहले मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस यात्रा के समानांतर 27 साल यूपी बेहाल वाली बस यात्रा भी चलती रहेगी। साथ ही किसान यात्रा के साथ पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं के नेटवर्क की ओवरहालिंग वास्ते एवं उनमें नई जान डालते हुए सक्रिय करने को भी दस्तक अभियान चलेगा। इसके तहत हर ब्लॉक में 25 हजार और हर विधानसभा में औसतन 60 हजार घरों में कार्यकर्ता जाएंगे एवं एक फार्म पर घर वाले का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि भरवाने के साथ उसे पावती रसीद देंगे एवं उससे पार्टी के मोबाइल 8090180901 पर मिस्ड काल कराएंगे ताकि कंफर्म हो सके कि कार्यकर्ता संबंधित के घर पर गया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पार्टी ने विस्तृत समीक्षा में वोट बैंक के ठेकेदारों ने प्रदेश में सबसे ज्यादा किसानों और युवाओं को ठगा है। उन्हें वादों का झुनझुना पकड़ाकर बेवकूफ बनाया है। किसानों का कर्जा सिर्फ कांग्रेस ने ही माफ किया था और मौजूदा सरकारों ने समर्थन मूल्य का दिया हुआ भरोसा ही गोल कर दिया एवं चीनों मिलों के ब्याज रहित किसानों को ब्याज सहित कर्ज देने का काम किया है। बिजली की समस्या से किसान त्रस्त है और बेहाल लेकिन उस पर केंद्र और प्रदेश सरकारें मौन हैं। इन्हीं मुद्दों पर कांग्रेस सीधे किसानों के बीच जाकर उनकी राय लेगी एवं उसे ही मुद्दा बनाते हुए चुनाव में खम ठोंकेगी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी मांग है कि प्रचार में प्रियंका गांधी भी उतरें लेकिन उस पर अभी पार्टी के स्तर पर कोई फैसला नहीं हुआ है। प्रेसवार्ता में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, विनीत मिश्रा, उपेंद्र पाल सिंह, भूपेंद्र सिंह और धर्मेंद्र दीक्षित मौजूद थे।
शाहजहांपुर में सियासी कॉकस तोड़ना जरूरी
शाहजहांपुर। जिले में सियासी तौर पर अपनी अलग रसूख रखने से प्रसाद भवन ने अगले विधानसभा चुनाव के लिए शहर विधानसभा से चुनावी समर उतरने के अपने संकेतों को बृहस्पतिवार को अपरोक्ष तौर पर और पुष्ट किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि शहर के सियासी दलों के प्रतिनिधियों का एक तगड़ा कॉकस बन गया है और उसे तोड़ना जरूरी है क्योंकि कॉकस से जुड़े लोगों का तो विकास हो रहा है लेकिन आम जन का नहीं। सधे लहजे में बिना सपा और भाजपा का नाम लिए उन्होंने कहा कि एक स्थानीय तौर पर तो दूसरा विधानसभा के लिए अपनी जीत पक्की रखने को अंदरखाने एक - दूसरे की मदद करते हैं जबकि आम मतदाता बेवकूफ बना रहता है। शहर की जनता इससे ऊब गई है।
उन्होंने कहा कि इस काकस में सिर्फ दो ही नहीं बल्कि कई और भी शामिल हैं जिनके बारे में वह अगली बार मीडिया से रूबरू होने पर विस्तार से बताएंगे। उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर उनका अपना घर है और यहीं के बूते वह मौजूदा मुकाम हैं, लिहाजा अब से उनका पूरा समय नियमित तौर पर शाहजहांपुर में गुजरेगा। यहां के पुराने परिचितों से मिलना - जुलना शुरू किया है और यह क्रम अब और ज्यादा होगा जिसे किसी अन्य रूप में नहीं आंका जाना चाहिए। अपने या परिवार के किसी सदस्य के चुनाव में उतरने संबंधी सवाल को हंसी में टालते हुए उन्होंने कहा कि अभी संगठन में लगे जंग को मिटाने एवं संगठन को पूरी मजबूती से खड़ा करने के काम चल रहा है जिसमें वह खुद भी लगे हुए हैं। चुनाव में प्रत्याशी बनने या अन्य कोई भी दायित्व निभाने संबंधी निर्णय हाईकमान का होगा और उसी का पालन होगा।