मनरेगा के कामों की निगरानी को गठित सोशल ऑडिट टीमों के सदस्यों ने अनुभव के आधार पर टीम सदस्यों का चयन न होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मांग पर कोई सुनवाई नहीं होने के विरोध में सोमवार को विकास भवन में प्रदर्शन किया। इससे पूर्व, उनका शिष्टमंडल सांसद कृष्णा राज से मिला और उन्हें ज्ञापन देकर कार्यरत टीम सदस्यों को चयन में वरीयता दिलाने का अनुरोध किया।
इसी मांग को लेकर दो दिन पहले ऑडिट टीमों के सदस्य पुवायां की विधायक शकुंतला देवी से मिले थे। विधायक को ज्ञापन दिए जाने के बावजूद चयन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होने पर पुवायां क्षेत्र के गांव भिलावा निवासी जदवीर उर्फ सामिल और नजाकत अली अन्य सदस्यों के साथ सांसद कृष्ण राज से उनकेरोशनगंज स्थित आवास पर मिले। उन्होंने सांसद को ज्ञापन देकर अनुभवी कर्मचारियों का सोशल ऑडिट टीमों में चयन कराने का आग्रह किया।
सांसद ने इस संबंध में सीडीओ से टेलीफोन पर बात करके उनसे मिलने का सुझाव दिया। साथ ही डीआरडीए के परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर चयन प्रक्रिया में नियमानुसार कार्यवाही करने का आग्रह किया। वहां से टीम सदस्य विकास भवन लौटे, लेकिन तक तक सीडीओ समेत अन्य संबंधित अधिकारी अपनी सीटें छोड़कर फील्ड के दौरे पर निकल चुके थे।
बात सुनने को कोई अधिकारी नहीं मिलने पर टीम सदस्यों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने विकास भवन गेट पर नारेबाजी करके अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन में कालिका प्रसाद, रूपेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, सत्यवीर, भंवर सिंह, रीमा देवी, सतीश कुमार, पातीराम, राजेश कुमार, मो. राशिद आदि शामिल रहे।