निगोही स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल को सील करते एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव व मौजूद सीएचसी प्रभारी डॉ.न
शाहजहांपुर। निगोही क्षेत्र में झोलाछाप के इलाज से हो रही मरीजों की मौत का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने निगोही कस्बे के एक निजी अस्पताल और ईसापुर गांव में एक झोलाछाप के क्लीनिक को सील कर दिया।
रविवार को भटपुरा मिश्र गांव के देवशरण ने पत्नी रीना देवी को सांस लेने में कठिनाई होने पर पड़ोसी गांव ईसापुर में एक झोलाछाप को दिखाया था। उसने महिला के तीन इंजेक्शन लगाने के बाद उसे घर ले जाने को कहा। देवशरण का आरोप है कि झोलाछाप के गलत इंजेक्शन देने से घर पर पत्नी की हालत बिगड़ जाने से मौत हो गई। सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमाॅर्टम कराया। इस बीच सीएचसी के प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी ने आरोपी झोलाछाप के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर सील कर दिया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को दोपहर एसीएमओ डाॅ. श्रीवास्तव सोमवार को दोपहर ईसापुर पहुंचे तो कई झोलाछाप अपनी दुकानें बंद कर के भाग गए। एक क्लीनिक खुला मिलने पर एसीएमओ ने उसके बारे में जानकारी जुटाई, लेकिन गांव का कोई व्यक्ति वहांं बैठने वाले के नाम बताने को तैयार नहीं हुआ।
इस पर एसीएमओ ने झोलाछाप का क्लीनिक सील कर दिया। बाद में वह कस्बा निगोही के उस निजी अस्पताल पहुंचे, जहां पर एक सप्ताह पहले दिलावलपुर खुर्द गांव की एक गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। अस्पताल के कागज आदि चेक करने के बाद एसीएमओ ने उसे भी सील कर दिया। एसीएमओ ने बताया कि बिना वैध डिग्री के कोई भी क्लीनिक या अस्पताल नहीं चलने दिया जाएगा।
दस दिन में निगोही क्षेत्र में हो चुकीं तीन मौतें
- 23 अप्रैल को दिलावलपुर खुर्द निवासी गर्भवती सोनी की प्रसव के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई।
- 25 अप्रैल को पिपरिया खुशहाली निवासी रघुनाथ की झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई।
- चार मई को भटपुरा मिश्र के देवशरण की पत्नी रीना की झोलाछाप के इलाज से जान चली गई।