खाद्य सुरक्षा विभाग के न्याय निर्णय अधिकारी एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा ने खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में मिलावट पाए जाने सहित पुवायां किसान सहकारी चीनी मिल में चीनी बैग की पैकेजिंग और लेबलिंग में गड़बड़ी के मामलों में दर्ज कराए गए वादों पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी चीनी मिल समेत विक्रेताओं को 10.50 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना की धनराशि अदा नहीं करने पर प्रतिवादियों को कारावास की सजा भोगनी पड़ेगी। विधिक माप विज्ञान अधिकारी विजय मिश्रा और खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी टीआर रावत के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीपी सिंह आदि अधिकारियों की टीम ने पिछले दिनों पुवायां स्थित किसान सहकारी चीनी मिल के गोदाम का आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान बोरियों में भरी चीनी की गुणवत्ता जांचने को उसके दोहरे नमूने भी लिए थे। जांच से स्पष्ट हुआ कि बोरियों में चीनी की पैकिंग और लेबलिंग गुणवत्ता के अनुरूप नहीं है। राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला से इसी आशय की रिपोर्ट मिलने के बाद मिल प्रबंधन ने संतोषजनक स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। इस पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों मामलों में न्याय निर्णय अधिकारी एडीएम प्रशासन के कोर्ट में वाद दायर कर दिए थे। दोनों वादों की सुनवाई करने के बाद एडीएम ने किसान सहकारी चीनी मिल पर 2.50 लाख रुपये और चीनी मिल के नामित प्रबंधक समेत वहां के चीफ केमिस्ट सिपाही लाल को एक-एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा दूध के नमूने फेल होने पर मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव सकरापुर निवासी राजीव यादव पर 1.75 लाख रुपये और सिंधौली क्षेत्र के गांव करनैयापुर निवासी छब्बन पर एक लाख रुपये अर्थ दंड डाला है। इसी क्रम में पेड़ा का नमूना फेल होने पर शहर के मोहल्ला रंगीन चौपाल निवासी मिठाई विक्रेता मुदस्सिर अहमद को 3.25 लाख रुपये जुर्माना अदा करना होगा।