खेती और वॉशिंग पाउडर से आत्मनिर्भर होकर पुष्पा ने बरतारा स्थित बैंक का पति का लिया 70 हजार रुपये कर्ज निपटा दिया है। दूसरी बैंक का कर्ज निपटाने का प्रयास कर रही हैं।
बेटा और बेटी भी करते हैं सहयोग
पति के निधन के बाद पुष्पा ने अपनी एक जिम्मेदारी निर्वाह कर दी है। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी पूजा का विवाह कर दिया है। वह बताती हैं कि उनके कार्य में बेटा और बेटी भी सहयोग करते हैं। विनोबा सेवा आश्रम से काफी मार्गदर्शन मिल जाता है।