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ट्रक की टक्कर से पूरनपुर दो युवकों की मौत

Sun, 08 May 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो पुवायां (शाहजहांपुर)।
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मौत - फोटो : अमर उजाला
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गुस्सा लोग काफी देर तक रोके रहे शव, जमकर हंगामा
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रिश्तेदारी से बाइक पर घर लौट रहे थे तीनों, एक घायल
पुवायां-खुटार मार्ग पर सुखबीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड कारखाने के सामने शनिवार शाम ट्रक की टक्कर से पूरनपुर के दो युवकों की ही मौत हो गई। जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हुआ है। हादसे से गुस्साए लोगों ने काफी देर तक शव मौके पर रोके रखे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान लोगों कारखाना प्रबंधन पर जाम लगवाने का आरोप लगाया। 
पीलीभीत जिले के थाना पूरनपुर क्षेत्र के गांव खमरिया पट्टी निवासी 32 वर्षीय भुवनेश की फुफेरी बहन उर्मिला पुवायां के गांव धर्मंगदपुर में हैं। भुवनेश गांव के गंगाशरण और पड़ोस के गांव नरायनपुर निवासी अपने साथी 28 वर्षीय विवेक कुशवाहा के साथ बाइक पर धर्मंगदपुर आया था। यहां से शनिवार शाम छह बजे घर लौटते समय खुटार-पुवायां मार्ग पर इनायतपुर गांव में सुखबीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड कारखाने के सामने उनकी बाइक में एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे भुवनेश और विवेक वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई और गंगाशरण गंभीर रूप से घायल हो गया। 
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हादसे के बाद लोगों ने ट्रक चालक को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान चालक ने लोगों के ऊपर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की। लोगों के इधर-उधर भागने पर चालक ट्रक समेत फरार हो गया। हादसे में दो लोगों की मौत की सूचना पर आसपास के तमाम लोग और परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव टेंपो में लदवाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की उत्तेजित लोगों को टेंपो घेर लिया। लोगों का कहना था कि सुखबीर एग्रो के सामने तमाम वाहन रोड पर आड़े तिरछे खड़े रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पुलिस-प्रशासन को कई बार अवगत कराए जाने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। लोग कारखाने के जीएम को मौके पर बुलाने पर अड़े थे। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को समझाकर शव पुवायां के सरकारी अस्पताल भिजवाए। कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार विश्नोई ने बताया कि अभी हादसे के संबंध में तहरीर नहीं मिली है।

चकनाचूर हो गया हेल्मेट
हादसे के बाद मौके पर हेल्मेट चकनचूर हालत में पड़ा देखा गया। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बाइक चलाने वाला हेल्मेट पहने होगा। मगर टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि हेल्मेट भी जान नहीं बचा सका।

सिक्योरिटी ने कारखाने में नहीं जाने दी पुलिस 
दो लोगों की मौत के बाद उत्तेजित लोग कारखाना प्रबंधन पर रोड पर वाहन खड़े कराने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लोगों ने पुलिस से कहा कि वे कारखाना के जीएम से मिलकर वार्ता करे और वाहनों के रोड पर खड़ा होने पर पाबंदी लगवाए। पुवायां थाने के एक दरोगा कारखाना गेट पर पहुंचे तो वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्डों ने अंदर नहीं जाने दिया। गार्डों ने कहा कि बिना अनुमित के पुलिस कारखाने में नहीं जा सकती है। इसको लेकर दरोगा अैर गार्डों के बीच नोकझोंक भी हुई। वहां मौजूद लोग कारखाना प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। माहौल बिगड़ता देख दरोगा ने जीएम से फोन पर बात की तो जीएम ने दो टूक कह दिया कि उनके यहां आने वाले वाहन रोड पर नहीं खड़े होते हैं। जीएम ने कहा कि हादसा अन्य कारण से हुआ है। कुछ लोग स्वार्थवश भीड़ को भड़का कर आरोप लगा रहे हैं। इसके बाद दरोगा जी गेट से बैरंग लौट गए। 

सीजन में हो जाती है जाम जैसी स्थित
पुवायां। सुखबीर एग्रो एनर्जी कारखाने के सामने धान लेकर आने वाले और चावल लोड करने के लिए आने वाले ट्रकों को चालक रोड के किनारे ही खड़ा कर देते हैं। धान के सीजन में तो यहां जाम जैसी स्थित पैदा हो जाती है। 
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मृतकों के घर में मचा कोहराम
 भुवनेश कुमार की अभी शादी नहीं हुई थी। वह तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर का था। भुवनेश और विवेक एक निजी बैंकिग कंपनी में काम करते थे। भुवनेश की मौत से पिता ओमप्रकाश, मां रामादेवी, भाई नंदकिशोर, महेशचंद्र और बहन रेशमा का रो-रेाकर बुरा हाल है। विवेक कुशवाहा की मौत की जानकारी घर पहुंची तो उसकी पत्नी ममता देवी बेसुध होकर गिर पड़ी। विवेक का छह वर्ष का एक पुत्र पवन है।
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