कोलाघाट पुल को शुरु कराने के लिए धरना प्रदर्शन करते कोलाघाट पुल संघर्ष मोर्चा के लोग। संवाद
मिर्जापुर। कोलाघाट पुल पर हल्के वाहनों का संचालन शुरू करने की मांग को लेकर कोलाघाट पुल संघर्ष मोर्चा ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी न होने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
29 नवंबर 2021 में कोलाघाट पुल का एक पिलर टूटने के बाद आवागमन बंद कर दिया गया था। लोगों को करीब 80 किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ रहा है। तकनीकी जांच में पुल को वाहनों के आवागमन के योग्य नहीं बताया गया था। प्रशासन ने पैंटून पुल बनवा दिए थे। बरसात में पैंटून पुल हटा दिए गए हैं। पूर्व में लोगों की मांग पर दोपहिया वाहनों को निकलने की अनुमति दे दी गई थी। लोगों ने जब कार आदि के निकलने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था तो प्रशासन ने लोड टेस्ट कराने का आश्वासन दिया था।
एक साल बीतने के बाद भी लोड टेस्ट न होने से नाराज ग्रामीणों ने कोलाघाट पुल संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। जिला पंचायत सदस्य रामकुमार राठौर ने बताया कि 23 जुलाई तक क्रमिक अनशन रहेगा। 24 जुलाई से भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। चौधरी विनोद यादव ने जनता की समस्या को ध्यान में रखते हुए पुल का लोड टेस्ट कराकर हल्के वाहनों के लिए चालू करा देना चाहिए। इस दौरान ओमपाल सिंह कुशवाहा, अनिरुद्ध यादव, रवीश पाल सिंह कुशवाहा, रामदास राठौर, सूरजपाल सिंह यादव, रामवीर सिंह सोमवंशी आदि मौजूद रहे।