बंडा। भैंसी नादी की सफाई के दौरान महिलाओं ने गेहूं की फसल बरबाद करने का आरोप लगाते हुए जेसीबी बंद करा दी। इस पर विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बुला लिया, लेकिन पुलिस ने कार्यकर्ता से खुद ही महिलाओं को समझाकर मामला निपटाने को कहा, इस पर कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा करने लगे। बाद में थाने के गेट पर जाकर धरने पर बैठ गए। ब्लॉक प्रमुख के पति ने उन्हें समझाकर शांत किया।
रविवार को विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता गांव पड़री किशनपुर और भूड़ा के पास भैंसी नदी में जेसीबी से सफाई करा रहे थे। दोनों गांवों के कुछ लोगों ने नदी में गेहूं की फसल बो रखी है। इस दौरान गेहूं की फसल काटने का आरोप लगाते हुए गांव की कुछ महिलाओं ने विरोध करते हुए जेसीबी बंद करा दी। इस पर कार्यकर्ताओं ने बंडा पुलिस को मौके पर बुला लिया, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। इस पर कार्यकर्ता पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे तो पुलिस मौके से लौट गई। इसके बाद तमाम कार्यकर्ता बंडा थाने पहुंच गए और थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए।
कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख संतोषी देवी के पति विश्वविजय वीर सिंह ने कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कराया। थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप निराधार है। जब तक भैंसी नदी की सफाई का कार्य चलेगा, तब तक मौके पर एक दरोगा और सिपाही मौजूद रहेंगे। धरने के दौरान दीपक शुक्ला, केके गुप्ता आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।