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Shahjahanpur News: असुरक्षित माहौल में रहने के लिए मजबूर दूसरों की हिफाजत करने वाले

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नहर विभाग के जर्जर भवन में संचालित कोरोकुइयां पुलिस चौकी। संवाद
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सिंधौली। दूसरों की हिफाजत करने वाली पुलिस खुद असुरक्षित माहौल में रहकर काम करने के लिए मजबूर है। कोरोकुइयां, महासिर और बिलंदापुर की पुलिस चौकियां अन्य विभागों के भवनों में संकुचित दायरे में सीमित हैं। वहां न तो कर्मचारियों के आवास की व्यवस्था है और न ही वहां पहुंचने वाले अन्य लोगों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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अपराधों की दृष्टि से संवेदनशील कोरोकुइयां में कई वर्ष पहले शारदा नहर के किनारे बनी कोठी में पुलिस चौकी स्थापित की गई। वहां पुलिस का स्टाफ भी नियुक्त किया गया, लेकिन आसपास जंगल होने से रात के समय वहां जाने से लोग कतराते हैं। नहर कोठी के आसपास घने पेड़ और झाड़ियां उगी होने से वहां जंगली जीवों का खतरा बना रहता है।
यही हाल महासिर पुलिस चौकी का भी है। दो वर्ष तक यह चौकी महासिर गांव से कुछ फासले पर नहर विभाग की कोठी में संचालित थी। बाद में यह चौकी चकझाऊ गांव के पंचायतघर में खोल दी गई। वहां सिर्फ दो कमरे हैं।
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बिलंदापुर में पुलिस चौकी वहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन से चलाई जा रही है। थाना मुख्यालय से बिलंदापुर लगभग 15 किमी, कोरोकुइयां नौ किमी और महासिर 13 किमी दूर है। इस कारण आसपास के गांवों में कोई विवाद होने पर दोनों पक्षों के लोग इन्हीं पुलिस चौकियों पर जाते हैं।
पुलिस चौकियों के लिए जमीनें उपलब्ध कराने का प्रस्ताव कई बार पुलिस महानिदेशालय भेजा गया, लेकिन वहां से अब तक स्वीकृति नहीं मिली। प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सिंह कहते हैं कि इस दिशा में ग्राम प्रधान और बीडीसी प्रयास करें तो बात बन सकती है।


बिलंदपुर गद्दीपुर (बिलंदापुर) पुलिस चौकी के लिए जमीन तलाशी जा रही है। महासिर चौकी के लिए नहर विभाग से जमीन देने के लिए बात की गई है। कोरोकुइयां चौकी को वहीं पर विकसित किए जाने की याेजना है, जहां वह वर्तमान में कायम है।
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-प्रवीण मलिक, सीओ, पुवायां
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