जून का महीना गन्ने की फसल के लिए संक्रमण काल होता है। इस महीने में भीषण गर्मी होने की वजह से फसलों में विभिन्न तरह के कीट लगने की आशंका रहती है। इसके लिए गन्ना किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने बताया कि गर्मी के प्रकोप से गन्ना कीटों में पाइरिला और पत्तियां कुतरने वाले कीट लग जाते हैं।
इन्हें दूर करने के लिए गन्ना किसानों को वैज्ञानिकों से सलाह लेकर ही मामूली क्षमता वाले कीटनाशकों का प्रयोग करना चाहिए, जिससे फसल को सुरक्षित रखा जा सके।
निदेशक ने बताया कि जून में 10 दिनों में कम से कम एक बार सिंचाई अवश्य करनी चाहिए, जिससे गन्ने में नमी बनी रहे। कहा कि जून के अंत तक फसल में खाद पूरी मात्रा में डाल देें।
इससे के गन्ने की पैदावार बेहतर होगी। गर्मी अधिक होने पर फसल का सही रखरखाव न किए जाने पर चीनी परता कम होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसलिए किसानों को गन्ने की फसल का रखरखाव और देखभाल जून महीने में बेहतर ढंग से करनी होगी।
को-0238 की पत्तियां सूखने पर किसान रहे निश्चिंत
डॉ. शर्मा ने कहा कि गन्ने की नवीन प्रजाति को-0238 की फसल की पत्तियां सूखने पर किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। कहा कि यह फसल की विशेषता होती है। बारिश होने पर फसल स्वत: सही हो जाती है।