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सर्किल रेट बढ़ने पर महंगे हो जाएंगे मकानों और जमीनों के बैनामे

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शाहजहांपुर। प्रशासन ने रिहायशी और व्यावसायिक उपयोग वाली जमीनों की खरीद-फरोख्त मेें न्यूनतम स्टांप शुल्क का निर्धारण करने वाले सर्किल रेट को बढ़ाने की तैयारी कर ली है। अभी 15 अक्तूबर 2020 को निर्धारित हुए सर्किल रेट लागू हैं।
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कोरोना काल में सर्किल रेट बढ़ाने की वार्षिक प्रक्रिया थमी रही। इससे पहले हर साल और औसतन दस फीसदी की दर से सर्किल रेट बढ़ते रहे। इसलिए माना जा रहा है कि इस बार सभी श्रेणियों की संपत्तियों के सर्किल रेट 15 से 20 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।
अधिकारी भी संकेत दे रहे हैं कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जो इलाके हाल ही में विकसित हुए या विकास की ओर बढ़ रहे हैं, वहां सर्किल रेट का ग्राफ ज्यादा ऊंचा उठ सकता है। उप निबंधक और सहायक महानिरीक्षक (स्टांप) ने सर्किल रेट की नई दरों में वृद्धि का खाका तैयार कर लिया है लेकिन अभी प्रशासन ने सर्किल रेट की नई दरों का प्रस्ताव लंबित कर रखा है। अधिकारियों का कहना है कि सर्किल रेट की नई प्रस्तावित दरें सार्वजनिक कर जन सामान्य से आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निस्तारण होने के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय किया जाना है।
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हर क्षेत्र में सर्किल रेट की एक दर्जन श्रेणियां
हर क्षेत्र में अचल संपत्तियों को करीब एक दर्जन श्रेणियों में बांटकर उनके अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित हैं। उदाहरणार्थ, कोई प्लॉट सड़क से काफी दूर है तो उसकी कीमत का आकलन कम किया जाता है और उसी के अनुसार सर्किल रेट भी कम होते हैं, लेकिन वही प्लॉट किसी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे है तो उसकी कीमत अधिक मानकर सर्किल रेट डेढ़ से दो गुना नियत हैं। इसी तरह छह मीटर से कम चौड़े रास्ते, छह से 12 मीटर चौड़े रास्ते, 12 मीटर ओर इससे अधिक चौड़े मार्ग, भूतल की एकल दुकान, प्रथम तल की दुकान, आबादी मार्ग, संपर्क मार्ग, जनपदीय मार्ग, राजकीय राजमार्ग के किनारे की संपत्तियों के सर्किल रेट तय किए गए हैं। इस आधार पर एक ही क्षेत्र में अधिकतम और न्यूनतम सर्किल रेट लागू हैं।
सर्किल रेट बढ़ने से इस तरह बढ़ेगा स्टांप शुल्क
सर्किल रेट से खरीदी अथवा बिक्री की गई संपत्ति का मूल्यांकन किया जाता है। उदाहरण के तौर पर किसी क्षेत्र की जमीन का सर्किल रेट दस हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है और 100 वर्ग मीटर जमीन खरीदी जा रही है तो उसका मूल्यांकन करने के लिए जमीन के क्षेत्रफल का सर्किल रेट से गुणा करने से जमीन की कीमत दस लाख रुपये मानी जाएगी। भले ही उसका आपसी सौदा पांच लाख रुपये में हुआ हो। दस लाख रुपये की जमीन पर सात फीसदी दर से 70 हजार रुपये स्टांप शुल्क देना पड़ता है। यदि इसी क्षेत्र का सर्किल रेट दस फीसदी बढ़ा तो 77 हजार रुपये स्टांप शुल्क देय होगा।
इन क्षेत्रों में सर्किल रेट ज्यादा बढ़ने का अनुमान
प्रशासन ने स्मार्ट सिटी के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों केे मद्देनजर अजीजगंज, लोधीपुर, शहर खास उत्तरी बाहर चुंगी, शाहजहांपुर दक्षिणी चुंगी, रामपुर इलाका अजीजगंज, शहर खास बाहरी दक्षिणी चुंगी, अहमदपुर नियाजपुर, शहर खास का मोहल्ला बस्ती बेगम, ककरा काकर कुंड को विकासशील श्रेणी में माना है। इसके अतिरिक्त अर्ध नगरीय विकासशील क्षेत्रों में शहर के आसपास बसे गांव आदमपुर, गुवारी, जमुनिया दौलतपुर, पिपरौला अहमदपुर, मढ़ा, लधौली, अटसलिया, गोपालपुर ताल्लुके नगरिया, टिकरी, बरुआ पट्टी सनायक, रसूलपुर जहानगंज, वलीपुर, अकर्रा रसूलपुर, चिनौर, ददरौल, बसुलिया, रौसर, विक्रमपुर, इस्माइलपुर, चौढ़ेरा बांगर, बलेली, रझौआ कलां, शहबाजनगर, कुर्रियाकलां, चक परमाली, सतवां बुजुर्ग, जलालनगर बाहरी चुंगी समेत अन्य कई गांवों को शामिल किया है। इन सभी जगहों का सर्किल रेट दस फीसदी से अधिक बढ़ सकता है।
सर्किल रेट करीब दो साल बाद पुनर्निर्धारित हो रहे हैं। इसलिए उसमें वृद्घि होनी तय है। नए सर्किल रेट का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। प्रस्तावित दरों को जल्द सार्वजनिक कर उन पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद डीएम के स्तर से सर्किल रेट की नई दरें प्रभावी की जाएंगी। - त्रिभुवन, एडीएम वित्त
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