शाहजहांपुर। चौक कोतवाली के मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी कमल रावत ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में लापरवाही बरते जाने के कारण उनकी गर्भवती बेटी की जान चली गई। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
कमल ने बताया कि 16 नवंबर की रात दस बजे बेटी प्रियंका रावत को प्रसव के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। पहले नार्मल डिलीवरी, फिर रात दो ऑपरेशन की बात कही गई। कहा कि रात में ऑपरेशन नहीं होता। तब प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार से बात की। प्राचार्य ने डॉक्टर से ऑपरेशन के लिए कहा। तब डॉक्टर ने खून की व्यवस्था करने के लिए कहा।
इसके बाद बाहर से लिखी दवाई लेकर आए। दवा लगाते ही बेटी को ब्लीडिंग शुरू हो गई। उसकी हालत बिगड़ने लगी, लेकिन महिला डॉक्टर नहीं आईं। पुरुष डॉक्टर ने बेटी को ऑपरेशन थियेटर में भिजवाया। इसके बाद न ही बेहोश करने वाले डॉक्टर आए और न ही महिला डॉक्टर आईं। उनकी बेटी की मौत हो गई। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में रात में कोई डॉक्टर नहीं आता है। इससे आए दिन मरीजों की जान जा रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। संवाद