तिलहर की रजा मस्जिद में तकरीर करते मौलाना वकार हुसैन हातिमी। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। रमजान-मुबारक के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में नमाज अदा की गई। अन्य दिनों की अपेक्षा मस्जिदों में ज्यादा भीड़ रही। इस दौरान मुल्क व कौम की तरक्की की दुआ की गई।
तिलहर के मोहल्ला सलेमाबाद पट्टी स्थित रजा मस्जिद में जुमे की नमाज से पूर्व तकरीर करते हुए मौलाना वकार हुसैन हातिमी ने रोजे और रमजान की फजीलत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान महीने में हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है। मुसलमानों को चाहिए कि अधिक इबादत, कुरान की तिलावत सदका दें।
हातिमी ने रोजे के मकसद को बताया। कहा कि रोजा इंसान को सब्र, परहेजगारी और अल्लाह की बंदगी का सबक देता है। रोजा केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि अपने दिल, जबान और नजर को भी गुनाहों से बचाना है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रमजान के मुकद्दस महीने में गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों की मदद करें। समाज में भाईचारा और आपसी मोहब्बत को बढ़ावा दें।