शाहजहांपुर। हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से हुई हैवानियत के खिलाफ शहरवासियों में आक्रोश है। आरोपियों की गिरफ्तारी और सजा की मांग को लेकर लोग अपने-अपने तरीके से विरोध जता रहे हैं। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बातचीत के दौरान रविवार को वैश्य समाज संगठन और वीआईपी ग्रुप से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि कब तक निर्भया मरती रहेगी। दरिंदों को फांसी दी जानी चाहिए। ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
हैदराबाद कांड को लेकर महिलाओं में इतना गुस्सा है कि वे डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वालों को सजा के तौर पर सरेआम जलाकर मार देने की बात कर रही हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा को लेकर पूरे देश में उबाल आया था। इसके बाद कानून भी बना, लेकिन घटनाओं में कमी नहीं आई। वीआईपी ग्रुप की अध्यक्ष डॉ. दीपा सक्सेना, ज्योति गुप्ता, हेमा अग्रवाल, डॉ. पूजा पांडेय, सुखप्रीत माटा, नीरा गुप्ता, रम्मन गुप्ता, रजनी गुप्ता, शिल्पी गुप्ता, मुक्ता बोरा, अमृता दीक्षित, सारिका अग्रवाल आदि ने दरिंदों को मौत की सजा देने की मांग की।
- इस तरह की घटनाएं महिलाओं के प्रति समाज के नजरिये को बयां करने के लिए काफी हैं। जिन पर रोक लगाने के लिए महिलाओं को खुद ही सशक्त बनना होगा। एक महिला अबला नहीं हो सकती, रानी लक्ष्मीबाई इसका साक्षात उदाहरण हैं।
- टीना अग्रवाल
- हैदराबाद की घटना हर किसी को झकझोरने वाली है। महिलाएं आज भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं। उन्हें खुद को मजबूत बनाना होगा। बेहतर होगा कि वह घर से निकलते समय अपनी सुरक्षा के लिए कुछ साथ में जरूर रखें।
- ज्योति मिश्रा
- मुझे लगता है कि डॉक्टर खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थीं तो अपने परिवार या फिर परिचित से संपर्क करके वहां आने को बोलतीं। उनके साथ जो हुुआ वह बहुत ही दुखद है। दुष्कर्म और हत्या करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए।
- रिद्घि बहल
- यह घटना बहुत ही ज्यादा दुखद है। मुझमें इतना आक्रोश है कि अगर दुष्कर्म और हत्यारोपी मिल जाए तो खुद उन्हें इस गुनाह की सजा दे दूं। दुष्कर्म करने वाले नाबालिग नहीं, अपराधी होते हैं, उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए। - रीमा गुप्ता
हैदराबाद की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉक्टर से दरिंदगी और उनकी हत्या करने वालों को सजा के तौर पर जिंदा जला देना चाहिए। उनका मुकदमा लड़ने वाले वकील की डिग्री निरस्त कर देनी चाहिए। जिससे लोगों को सबक मिले। - नीतू गुप्ता, जिलाध्यक्ष वैश्य समाज