शाहजहांपुर। जनता की आवाज संगठन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को इंग्लिश मीडियम स्कूलों पर शोषण का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ नदी के पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन के संस्थापक संजीव गुप्ता ने कहा कि स्कूल संचालक बच्चों और अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने नेताओं व अधिकारियों पर स्कूल संचालकों से मिले होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्राइवेट किताबें चलाई जाती हैं। हर साल रि-एडमीशन फीस ली जाती है। स्कूलों में संचालकों के द्वारा कॉपी, किताबें, स्टेशनरी आदि बेची जा रही हैं। फीस का कोई मानक तय नहीं है। उनकी मांग है कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों की मनमानी को रोका जाए और सरकारी विद्यालयों की दशा में सुधार लाने के प्रयास हों। शिवसेना जिला प्रमुख सत्यपाल मिश्रा ने जनता की आवाज संगठन के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर कार्यकर्ता पानी से बाहर निकले और डीएम को संबोधित ज्ञापन उन्हें दिया। प्रदर्शन में हरिओम रस्तोगी, सोनी गुप्ता, मोनी सक्सेना, वैशाली सक्सेना, आशारानी, सीताराम, मोहम्मद इकलाख आदि शामिल रहे।
इंग्लिश मीडियम स्कूलों के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और उनमें कोई सत्यता नहीं है। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए पढ़ाते हैं। एक लाख से ज्यादा बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ते हैं। उनके अभिभावक खुश हैं। किसी का शोषण नहीं हो रहा है।
- विपिन अग्रवाल, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन
इंग्लिश मीडियम स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को आश्वासन दिया है कि उनका ज्ञापन संबंधित के पास तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए शासन के निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
- वनिता सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट