अल्हागंज। उप डाकघर में निवेशकर्ताओं की लाखों रुपये की जमा रकम के घोटाले के दस दिन बाद भी गबन की गई धनराशि को लेकर डाक विभाग और पुलिस असमंजस में है। दोनों विभागों की जांच टीमें अब तक यह तय नहीं कर सकी हैं कि घोटाले से कितने खातेदार प्रभावित हुए हैं और उनकी कितनी रकम का गबन हुआ है।
जांच की धीमी रफ्तार और दस्तावेजों की अपूर्णता आदि कारणों से वह खातेदार बेहद नाराज हैं, जिनकी रकम का हिसाब नहीं मिल रहा है। जांच अधिकारी डाक निरीक्षक अमर पाल के अनुसार अब तक लगभग 350 खातों की जांच की जा चुकी है और उनमें से अधिकतर खातों में कोई खामी नहीं मिली।
कुछ पासबुकों पर डाकघर की मोहर न होने और दस्तावेजों के अभाव के कारण कई खातों की जांच अधूरी है। उन्होंने बताया कि खाताधारकों को विभागीय पत्र भेजकर मूल पासबुक लेकर आने के निर्देश दिए गए हैं। कई उपभोक्ताओं ने पासबुक की प्रतियां पहले ही जमा कराईं थीं, लेकिन जांच के लिए मूल दस्तावेज जरूरी हैं। थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी पोस्टमैन की गिरफ्तारी को उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। संवाद