जिला और क्षेत्र पंचायत के पहले चरण में आचार संहिता की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। तमाम बाहरी लोग चुनाव क्षेत्र में डटे रहे और मतदाताओं को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की। चुनाव के दिन तमाम गांवों से इस तरह की शिकायतें की जाती रहीं। हालांकि किसी को पकड़ा नहीं जा सका या जान बूझकर नहीं पकड़ा गया।
शुक्रवार सुबह से ही प्रत्याशी कई गांवों में मिठाई के डिब्बे वितरित करते देखे गए। डिब्बों में मिठाई के साथ रुपये भी रखे गए थे। मिठाई के डिब्बों पर प्रत्याशियों का जवाब था कि यह प्रसाद चढ़ाया गया था, वहीं बांटा जा रहा है।
0 शराब की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई थी। दुकानें भी बंद थीं, लेकिन दुकान के पास से खुलेआम शराब बिकती रही।
0 गांव गंगसरा के स्कूल में बने बूथ के पास प्रत्याशियों के पोस्टर चिपके थे। एजेंट बूथ के पास में ही बिस्तर डाले बैठे दिखे।
0 गांव जेंबा में प्रत्याशी के पोस्टर बूथ पर ही चिपके हुए थे। अधिकारी भी यहां पहुंचे, लेकिन किसी ने भी कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी।
0 प्रत्याशी वाहनों से वोटरों को बूथ पर पहुंचाते रहे। कोई रोक टोक नहीं की गई।
0 बिना वाहन पास के भी तमाम प्रत्याशियों के समर्थक बूथों पर जाकर जायजा लेते देखे गए।
0 बूथ के अंदर फोटोग्राफी वर्जित है, लेकिन कुछ प्रत्याशी और वोटरों ने न केवल वोट डालते हुए फोटो खींचे, बल्कि इन्हें फेसबुक, ट्विटर आदि पर भी डाला।