खुटार। सिपाहियों पर गांव कुभिया माफी में रात 12 बजे दो घरों में घुसकर दो लोगों को पकड़ने का आरोप है। महिलाओं का आरोप है कि इस दौरान एक व्यक्ति की हालत बिगड़ गई। पुलिस ने निजी डॉक्टर से इलाज कराने के बाद उसे छोड़ दिया।
गांव कुंभिया माफी की विटोली देवी ने बताया कि रविवार रात लगभग 12 बजे कई पुलिसकर्मी उनके मकान में घुस आए और दूसरी मंजिल पर जाने को लगे जीने का गेट तोड़ दिया। दूसरी मंजिल पर उनका पुत्र आर्यन सिंह सो रहा था। पुलिसकर्मी आर्यन के कमरे का दरवाजा भी तोड़ने लगे तो उसने दरवाजा खोल दिया और पुलिस से आधी रात को घर में घुसने का कारण पूछा। पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी और उसे पकड़ लिया। इस दौरान गांव के तमाम लोग जमा हो गए, तो पुलिस ने बताया कि आर्यन को वारंट के आधार पर पकड़ा गया है।
इसके बाद पुलिस गांव के बाहर रहने वाले सहदेव के घर मे दीवार फांदकर घुस गई। सहदेव सिंह की पत्नी मोनी ने बताया कि रात साढ़े 12 बजे के करीब वह अपने पति और बच्चों के साथ कमरों में सो रही थी। एक दर्जन से अधिक पुलिस वाले दीवार फांदकर घर में घुस आए और उसकी रजाई हटाकर फेंक दी। विरोध करने पर उनकी पिटाई कर दी। पुलिसकर्मी उनके पति सहदेव को अर्धनग्न अवस्था में ही पीटते हुए थाने ले गए और वहां भी उनकी पिटाई की। पुलिस की पिटाई से उनके पति की तबियत बिगड़ गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने सहदेव का निजी अस्पताल में इलाज कराया और घर के बाहर छोड़ गए। विटोली देवी और मोनी ने जांच और कार्रवाई की मांग की है।
थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि रात 11 से दो के बीच आर्यन को न्यायालय के वारंट के आधार पर पकड़ा है। उसको कोर्ट में पेश कर दिया गया है। सहदेव के भाई का वारंट था। पुलिस गई थी, लेकिन किसी को नहीं पकड़ा गया है।
प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अगर कोई प्रार्थनापत्र मिलता है तो जांच कराई जाएगी। वारंटी की तलाश में रात में दबिश दी जा सकती है।
पंकज पंत, सीओ पुवायां