पुवायां (शाहजहांपुर)। शादी का झांसा देकर महिला के यौन शोषण के मामले में नामजद पुवायां के गांव भूरखेड़ा के विशाल शर्मा ने पकड़े जाने के दौरान सदर थाने के दरोगा अक्षय पवार पर फर्नीचर बनाने में काम आने वाले नुकीले कैंचीनुमा हथियार से हमला कर घायल कर दिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एक महिला ने 20 जून को सदर थाने में विशाल शर्मा, उसके पिता अखिलेश शर्मा, मां नीरजा और करन शर्मा के खिलाफ बहला फुसलाकर ले जाने, शारीरिक संबंध बनाने, धोखाधड़ी करने, मारपीट करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विशाल फर्नीचर बनाने का काम करता है। रविवार रात ढाई बजे सदर थाने से दरोगा अक्षय पवार ने चार सिपाहियों की टीम और पुवायां थाने के दो पुलिस कर्मियों के साथ लेकर दबिश दी।
पकड़े जाने के दौरान विशाल की मां ने शोर मचा दिया। इस पर गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। विशाल भागकर पड़ोस के घर में छिप गया। पुलिस ने पकड़ने का प्रयास किया तो उसने दरोगा अक्षय पवार से गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की और नुकीले कैंचीनुमा हथियार से हमला कर घायल कर दिया। दरोगा की वर्दी फट गई और सीने, अंगुली में घाव हो गया।
बाद में पुलिसकर्मियों ने विशाल को दबोच लिया। इस बीच विशाल के परिजन भाग गए। दरोगा अक्षय पवार का सीएचसी पर इलाज कराया गया। दरोगा की ओर से विशाल के खिलाफ हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विशाल की मां ने बताया कि विशाल ने दरोगा पर हमला नहीं किया, वह अपनी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए प्रकार (नुकीला हाथियार) से खुद को घायल करने की बात कह रहा था। पकड़े जाने के दौरान ‘प्रकार’ धोखे से दरोगा को लग गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. नरेंद्रपाल ने बताया कि दरोगा के सीने और अंगुली में चोट है। मेडिकल किया गया है।
दहेज उत्पीड़न, फाइनेंसकर्मी को पीटने सहित कई मुकदमे हैं दर्ज
पुवायां। विशाल के खिलाफ महिला के यौन शोषण और धोखाधड़ी की रिपोर्ट से पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। विशाल के खिलाफ पत्नी ने दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में परिवार परामर्श केंद्र में समझौता हुआ था। इसके अलावा फाइनेंस पर बाइक लेने के बाद किस्त मांगे जाने पर उसने फाइनेंसकर्मी को पुवायां बुलाकर जमकर पीटा था। इस मामले में भी रिपोर्ट दर्ज है।
पहले भी हो चुके हैं पुलिस पर हमले
इस वर्ष पहले भी कई बार पुलिस पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। एक जनवरी को कोतवाली क्षेत्र में जिलाबदर अपराधी सुमित गुप्ता को गिरफ्तार करने गई कोतवाली पुलिस टीम पर सुमित के परिवार ने हमला कर दिया था। पुलिसकर्मियों की पिटाई की गई थी और उनकी वर्दी फाड़ दी गई थी। 25 अप्रैल को मदनापुर में बरात में बग्घी के किराये को लेकर हुए विवाद के बाद बरातियों ने यूपी-112 की पुलिस टीम पर हमला कर जवानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था और उनकी वर्दी फाड़ दी थी।
12 फरवरी को खुटार के गांव सिल्हुआ में जगह के विवाद में निजी कार से जांच करने पहुंचे दरोगा पर हमला कर दिया गया था। कार का शीशा भी तोड़ दिया था। हमले में पुलिसकर्मी घायल हुए थे। 24 जून की रात खुटार कस्बे में गश्त के दौरान सिपाही विकास यादव और आकाश तोमर पर हमलाकर घायल कर दिया गया था। एक आरोपी अनुपम सक्सेना जेल भोजा गया था, जबकि दूसरा आरोपी पूरनपुर का ऋषिपाल अब तक पकड़ से बाहर है।
आरोपी को गिरफ्तार कर दरोगा की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी का चालान कर दिया गया है, कोर्ट से आरोपी को जेल भेजा गया है।
-प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां
दरोगा पर मिले में प्रयुक्त कैंचीनुमा हथियार। स्रोत : पुलिस- फोटो : नई सराय चौकी क्षेत्र में शहबाजपुर चौराहे पर सोमवार की देर रात बिजली ना आने को लेकर प्रदर्शन करते लोग. संवाद