शाहजहांपुर। अपनी तरफ से शब्द जोड़कर बयान को बिल्कुल उल्टा कर देने के मामले को अदालत ने पकड़ लिया। एसीजेएम द्वितीय मनीष कुमार ने जलालाबाद थाना प्रभारी, विवेचक और महिला पुलिस कर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
जलालाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती अपनी मर्जी से एक युवक के साथ चली गई थी। पुलिस ने दोनों को तलाश लिया। युवक को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। 16 अप्रैल को जलालाबाद थाने के उपनिरीक्षक ने युवक की रिमांड लेने के लिए एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया।
अदालत ने युवक और युवती के बालिग होने के कारण रिमांड देने से मना कर दिया। अभिलेख देखने पर अदालत ने पाया कि पुलिस ने युवती के बयान में हेरफेर किया है। पुलिस ने युवती से पूछा था कि क्या वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई है, इस पर युवती ने जवाब दिया था कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई है।
पुलिस ने युवक को फंसाने के लिए बयान में ‘नहीं’ शब्द जोड़ दिया। इससे उसके बयान का अर्थ बदल गया। अदालत ने बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी देखी। इससे सारा मामला सामने आ गया। अदालत ने इसे बेहद गंभीर और स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन मानते हुए जलालाबाद के प्रभारी निरीक्षक, उप निरीक्षक संजीव कुमार व महिला पुलिसकर्मी काजल के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।